राष्ट्रपति भवन में बजेगी नगरी की मांदर, सरईटोला के कलाकार रचेंगे संस्कृति का नया इतिहास
उत्तम साहू
धमतरी, 12 अगस्त 2026। धमतरी जिले के नगरी अंचल की लोकसंस्कृति अब देश की राजधानी में अपनी पहचान दर्ज कराने जा रही है। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में ग्राम सरईटोला (गुडरापार) के ‘जय गढ़िया बाबा आदिवासी लोक मांदरी नृत्य दल’ के कलाकार छत्तीसगढ़ के पारंपरिक गुट्टा मांदर नृत्य की प्रस्तुति देंगे। ग्रामीण अंचल की धरती से निकलकर देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय मंच तक पहुंची यह उपलब्धि धमतरी समेत पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
मांदर की थाप में दिखेगी छत्तीसगढ़ की आत्मा
सरईटोला के कलाकार अपनी पारंपरिक गढ़वा नृत्य शैली, गुट्टा मांदर की लय, लोकगीत, वाद्ययंत्र और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से आदिवासी जनजीवन की जीवंत तस्वीर पेश करते हैं। उनकी प्रस्तुति में केवल नृत्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परंपरा, सामुदायिक जीवन, उत्सव और लोकविश्वास की झलक दिखाई देती है।
रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान, आभूषण और सामूहिक नृत्य की आकर्षक शैली इस लोककला को अलग पहचान देती है। फसल कटाई, सामाजिक आयोजनों, मेलों और विभिन्न सांस्कृतिक अवसरों पर प्रस्तुत किया जाने वाला यह नृत्य पीढ़ियों से लोकपरंपरा को आगे बढ़ाने का माध्यम बना हुआ है।
नागपुर से मिला राष्ट्रीय मंच का अवसर
दल के सचिव रूपराय नेताम ने बताया कि नागपुर सांस्कृतिक भवन द्वारा दल की पारंपरिक प्रस्तुति और कला की विशिष्टता को देखते हुए स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए चयन किया गया है। राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिष्ठित मंच पर छत्तीसगढ़ की लोककला प्रस्तुत करने को उन्होंने पूरे दल के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि कलाकार इस प्रस्तुति को लेकर बेहद उत्साहित हैं और राष्ट्रीय मंच पर अपनी कला की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति देने के लिए तैयारियां कर रहे हैं।
पांच कलाकार करेंगे छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व
राष्ट्रपति भवन में प्रस्तुति के लिए सरईटोला से रतन लाल निषाद, सुरेंद्र सोरी, हेमंत सोरी, सुलोचना सोरी और मधु नेताम नई दिल्ली रवाना होंगे। इन कलाकारों की प्रस्तुति के जरिए धमतरी की ग्रामीण संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आदिवासी लोकपरंपरा देशभर के सामने पहुंचेगी।
जनदर्शन में कलेक्टर से साझा की थी उपलब्धि
उल्लेखनीय है कि 4 अगस्त को जनदर्शन के दौरान गढ़िया बाबा आदिवासी लोक नृत्य सेवा समिति, सरईटोला के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से सौजन्य भेंट कर इस चयन की जानकारी दी थी। समिति ने बताया था कि दल 15 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान धमतरी की आदिवासी लोकसंस्कृति का प्रतिनिधित्व करेगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा था कि राष्ट्रीय मंच पर जिले की लोक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और आदिवासी कला का प्रदर्शन धमतरी के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि कलाकारों की प्रस्तुति जिले की सांस्कृतिक समृद्धि की सशक्त पहचान बनेगी और युवा पीढ़ी को अपनी लोकपरंपराओं से जुड़ने की प्रेरणा देगी।
अब 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में जब मांदर की थाप गूंजेगी, तो उसकी लय में नगरी की मिट्टी, सरईटोला की परंपरा और पूरे छत्तीसगढ़ की आदिवासी संस्कृति की आवाज सुनाई देगी।

