शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री नहीं, समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी: राज्यपाल रमेन डेका
ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह में 688 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां, 84 मेधावियों का हुआ सम्मान
उत्तम साहू,रायगढ़। ने कहा कि शिक्षा केवल उपाधि प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति उत्तरदायित्व निभाने का संकल्प है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य करें, जो समाज के लिए स्थायी रूप से लाभकारी सिद्ध हो और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने।
रायगढ़ स्थित के छठवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का है। ऐसे में उच्च शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल शिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि ऐसे युवाओं का निर्माण करना है जो ज्ञान के साथ संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता, अनुसंधान की प्रवृत्ति और नैतिक मूल्यों को भी अपनाएं।
समारोह में जिंदल स्टील के चेयरमैन एवं सांसद , विश्वविद्यालय की चांसलर , छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के अध्यक्ष , कुलपति सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक उपस्थित रहे।
दीक्षांत समारोह में स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ मैनेजमेंट और स्कूल ऑफ साइंस के 688 विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की गईं। वहीं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 84 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिनमें 27 को स्वर्ण, 28 को रजत और 29 को कांस्य पदक प्रदान किए गए।
इस अवसर पर नवीन जिंदल ने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और नई तकनीकों का युग है। युवाओं को नवाचार, कौशल विकास और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करनी होगी ताकि वे उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
चांसलर शालू जिंदल ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी मंजिल का अंत नहीं, बल्कि नए सपनों और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। वहीं प्रो. विजय कुमार गोयल ने विद्यार्थियों से ज्ञान का उपयोग समाजहित में करने और ईमानदारी व कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत अकादमिक शोभायात्रा और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। कुलपति डॉ. आर.डी. पाटीदार ने विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक गतिविधियों में संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। अंत में कुलसचिव डॉ. अनुराग विजयवर्गीय ने आभार व्यक्त किया।

