गंगरेल में बीरेंद्र देवांगन हत्याकांड: आरोपी को आजीवन सश्रम कारावास
पुरानी रंजिश में दोस्त ने हेलमेट से सिर पर किया था हमला, CCTV और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से खुला राज
उत्तम साहू
धमतरी, 29 अगस्त 2026। गंगरेल के मानव वन एवं शिवा रिसॉर्ट के बीच मिले बीरेंद्र देवांगन के शव के हत्या मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
गुमशुदगी के बाद मिला था शव
मामले के अनुसार, 3 दिसंबर 2024 को थाना सिहावा में पदमपुर निवासी 55 वर्षीय बीरेंद्र देवांगन के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। उसी दिन मानव वन के आगे गंगरेल रोड किनारे एक लावारिस मोटरसाइकिल खड़ी होने की सूचना पर रूद्री पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में मोटरसाइकिल बीरेंद्र देवांगन की पाई गई।
गुमशुदा बीरेंद्र की तलाश के दौरान 6 दिसंबर 2024 को मानव वन और शिवा रिसॉर्ट के बीच एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। बाद में शव की पहचान बीरेंद्र देवांगन के रूप में हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं परिस्थितियों के आधार पर पुलिस ने हत्या की आशंका को लेकर जांच शुरू की।
CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
थाना रूद्री पुलिस और साइबर टीम ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों को खंगाला। जांच के दौरान खुशवंत उर्फ खूबू साहू (37), निवासी धनोरा, जिला दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता स्थापित हुई।
पुलिस के अनुसार, पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने बीरेंद्र के सिर पर हेलमेट से वार कर उसकी हत्या की थी। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
27 अगस्त को न्यायालय ने सुनाया फैसला
प्रकरण सत्र प्रकरण क्रमांक 20/2025 एवं थाना सिविल लाइन रूद्री अपराध क्रमांक 76/2024 में माननीय अपर सत्र न्यायाधीश/द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश, धमतरी ने 27 अगस्त 2026 को फैसला सुनाया।
न्यायालय ने परिस्थितिजन्य साक्ष्य, CCTV फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर आरोपी खुशवंत उर्फ खूबू साहू को हत्या का दोषी ठहराते हुए भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 103(1) के तहत आजीवन सश्रम कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
विवेचना टीम को किया जाएगा पुरस्कृत
धमतरी पुलिस के अनुसार, तकनीकी साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग, ठोस साक्ष्य संकलन और प्रभावी विवेचना के चलते गंभीर हत्या मामले में आरोपी को न्यायालय से कठोर सजा दिलाने में सफलता मिली।
उत्कृष्ट एवं प्रभावी विवेचना के लिए तत्कालीन विवेचना अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। पुरस्कृत होने वाले अधिकारियों में तत्कालीन थाना प्रभारी रूद्री उपनिरीक्षक अमित बघेल, उपनिरीक्षक लक्ष्मीकांत शुक्ला एवं सहायक उपनिरीक्षक घनश्याम वर्मा शामिल हैं।

