हमर ठिहा ‘सियान गुड़ी’ में ब्रह्माकुमारी बहनों ने बुजुर्गों के साथ मनाया रक्षाबंधन

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हमर ठिहा ‘सियान गुड़ी’ में ब्रह्माकुमारी बहनों ने बुजुर्गों के साथ मनाया रक्षाबंधन

राखी बांधकर वृद्धजनों के सुख, स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना, प्रेम-सम्मान एवं आत्मीयता का दिया संदेश



उत्तम साहू,नगरी। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय नगरी की बहनों ने सेवा और आत्मीयता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए नगरी स्थित ‘हमर ठिहा (सियान गुड़ी)’ पहुंचकर वृद्धजनों के साथ रक्षाबंधन पर्व मनाया। ब्रह्माकुमारी भावना दीदी एवं उनके साथियों ने बुजुर्गों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख,
 स्वस्थ जीवन एवं दीर्घायु की मंगलकामना की।



कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी बहनों ने वृद्धजनों के प्रति प्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। भावना दीदी ने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुभव और आशीर्वाद से समाज को नई दिशा मिलती है। उनके साथ त्योहार मनाना केवल परंपरा निभाना नहीं, बल्कि उनके प्रति सम्मान, अपनत्व और संवेदनशीलता व्यक्त करने का माध्यम है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व आपसी प्रेम और विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने का अवसर भी है। बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनकी भावनाओं को समझना और उन्हें सम्मान देना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है।



इस अवसर पर ‘हमर ठिहा’ के वृद्धजनों ने भी ब्रह्माकुमारी बहनों के साथ रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। पूरे कार्यक्रम में आत्मीय और पारिवारिक माहौल बना रहा। सभी ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में ‘हमर ठिहा’ की संचालक श्रीमती इंदु पटेल को भी उनके सेवा कार्यों के लिए धन्यवाद एवं साधुवाद अर्पित किया गया। उन्होंने वृद्धजनों के आत्मसम्मान, देखभाल और उनकी भावनाओं को संजोए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।



कार्यक्रम का उद्देश्य वृद्धजनों को अपनापन, सम्मान और खुशी प्रदान करने के साथ ही समाज में बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता एवं सेवाभाव को बढ़ावा देना रहा। ब्रह्माकुमारीज बहनों की इस पहल ने रक्षाबंधन पर्व को प्रेम, सम्मान और मानवीय संवेदनाओं से और अधिक सार्थक बना दिया।

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