नगरी पुलिस ने फरसियां स्कूल में चलाया साइबर जागरूकता अभियान
ऑनलाइन ठगी से बचने सतर्कता और जागरूकता जरूरी, विद्यार्थियों को बताए साइबर अपराध से बचाव के उपाय
उत्तम साहू
नगरी। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से नगरी थाना पुलिस द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फरसियां में साइबर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड के विभिन्न तरीकों, उससे बचाव के उपायों तथा ठगी होने की स्थिति में तत्काल की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी दी।
कार्यक्रम में हेड कॉन्स्टेबल गोपी चंद्राकर ने कहा कि साइबर ठगी किसी व्यक्ति की वर्षों की मेहनत की कमाई को कुछ ही क्षणों में समाप्त कर सकती है। आर्थिक नुकसान के साथ पीड़ित को मानसिक तनाव, सामाजिक अपमान और पारिवारिक संकट का सामना भी करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे समाज में आपसी विश्वास प्रभावित होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों एवं नागरिकों से अपील की कि अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी मांगने वाले संदेश, ऑनलाइन लॉटरी, केवाईसी अपडेट के नाम पर आने वाले कॉल तथा सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाली ठगी से पूरी तरह सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर ठगी की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की बात कही।
फर्जी कॉल और लिंक से रहें सावधान
कॉन्स्टेबल योगेश कुमार साहू ने साइबर फ्रॉड के विभिन्न स्वरूपों की जानकारी देते हुए कहा कि इंटरनेट, मोबाइल, ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इनके बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध के मामले भी सामने आ रहे हैं। साइबर ठग बैंक अधिकारी, पुलिस अधिकारी या किसी प्रतिष्ठित संस्था का कर्मचारी बनकर लोगों को झांसे में लेते हैं।
उन्होंने बताया कि फर्जी कॉल के जरिए ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या सीवीवी मांगना, लॉटरी अथवा इनाम का लालच देना, नकली वेबसाइट या ऐप के जरिए भुगतान करवाना और सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना साइबर ठगी के सामान्य तरीके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड और सीवीवी जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन पर दिया जोर
पीएसआई जुगल किशोर ध्रुव ने ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बैंकिंग और भुगतान के लिए हमेशा विश्वसनीय वेबसाइट अथवा अधिकृत ऐप का ही उपयोग करें। मोबाइल और कंप्यूटर को समय-समय पर अपडेट करने, मजबूत पासवर्ड रखने तथा टू-स्टेप वेरिफिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करने की भी जानकारी दी गई।
उन्होंने सार्वजनिक वाई-फाई के माध्यम से ऑनलाइन बैंकिंग अथवा वित्तीय लेन-देन से बचने की सलाह दी। साथ ही विद्यार्थियों को बताया गया कि किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी है।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत
पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड हो जाए तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। साइबर ठगी की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने तथा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करने की जानकारी दी गई। पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को रोकने अथवा नुकसान को कम करने की संभावना बढ़ जाती है।
जागरूकता ही सबसे मजबूत सुरक्षा कवच
विद्यालय के प्राचार्य नीरज कुमार सोन ने कहा कि तकनीक का सही और सावधानीपूर्ण उपयोग ही साइबर अपराध से बचाव का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर ठगी के प्रति सतर्क करें। जागरूकता और सही जानकारी के माध्यम से साइबर अपराध के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन यशपाल सिंह साहू ने किया। इस अवसर पर पुलिस विभाग से लेडी कॉन्स्टेबल होलिका शांडिल्य एवं गंगा मरकाम सहित विद्यालय के व्याख्याता निरुपमा श्रीमाली, किरण श्रीमाली, लोमश कुमार पटेल, प्रेमलाल ध्रुव, अरविंद सोम, रेणु सोम, अंजना लाउत्रे, ऋषिकेश साहू, देवयानी सोम, मिलेंद्र कुमार ठाकुर, शिल्पा मानिकपुरी, पारुल बिसेन, गीतिका निषाद, आरती निषाद, देविका निर्मलकर, टिकेश साहू, त्रिलोक कपूर ध्रुव, प्रवीण कुमार कौशिल, भगवती ध्रुव, ललिता निषाद एवं भरत चनाप उपस्थित रहे।
पुलिस ने अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया कि साइबर अपराध से बचाव के लिए सतर्क रहें, अपनी गोपनीय जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।


