वनमंत्री केदार कश्यप ने कोरबा में वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र और हाथी नियंत्रण केंद्र का किया अवलोकन
स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर वन आधारित आजीविका की ली जानकारी, हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट प्रदान की
कोरबा, 19 अगस्त 2026। वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने अपने दो दिवसीय कोरबा प्रवास के दौरान जिले के विभिन्न वन क्षेत्रों का भ्रमण कर वन संरक्षण, वन आधारित आजीविका, वन्यजीव सुरक्षा और मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने वन विभाग की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए स्थानीय समुदायों की भागीदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया।
प्रवास के प्रथम चरण में श्री कश्यप ने पाली विकासखंड के ग्राम डोंगानाला स्थित वनौषधि प्रसंस्करण केंद्र का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने हरि बोल स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और वनौषधियों के संग्रहण, प्रसंस्करण तथा विभिन्न उत्पादों के निर्माण से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने उन्हें वन संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों और तैयार किए जा रहे उत्पादों के बारे में बताया।
वनमंत्री ने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध प्राकृतिक एवं वन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर विकसित किए जा सकते हैं। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण तथा वन आधारित स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने समूह द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों का अवलोकन करते हुए कहा कि वनौषधियों एवं अन्य वनोपज के प्रसंस्करण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिला समूहों की आय बढ़ने के साथ आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा मिलेगा।
इसके बाद श्री कश्यप पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के वन विश्राम गृह बुका पहुंचे, जहां जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। वनमंत्री ने स्वागत एवं सम्मान के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल और सुरक्षा किट
प्रवास के अगले चरण में वनमंत्री चोटिया स्थित हाथी नियंत्रण केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम और वन्यजीव सुरक्षा में जुटे हाथी मित्र दल के सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने हाथी मित्र दल को मोटरसाइकिल एवं सुरक्षा किट प्रदान की, जिससे वन क्षेत्रों में निगरानी और त्वरित सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
श्री कश्यप ने हाथी मित्र दल से क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों, ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी आवाजाही तथा मानव-हाथी द्वंद्व की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि मानव-हाथी द्वंद्व की रोकथाम के लिए वन विभाग, स्थानीय प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीण समुदायों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। समय पर सूचना, सतर्कता और प्रभावी निगरानी से संभावित घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सामुदायिक सहभागिता पर दिया जोर
वनमंत्री ने स्थानीय वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों से भी चर्चा की। उन्होंने वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और हाथियों से संबंधित घटनाओं की रोकथाम में सामुदायिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीण वन एवं वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुभव और सहयोग से वन विभाग की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
उन्होंने हाथी मित्र दल और वन प्रबंधन समितियों के सदस्यों को वन्यजीवों के साथ-साथ ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत निगरानी, सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विधायक कटघोरा श्री प्रेमचंद पटेल सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन प्रबंधन समितियों के सदस्य, हाथी मित्र दल के सदस्य एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

