संस्कृत सप्ताह के तहत राजपुर विद्यालय में हुए विविध शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
उत्तम साहू,नगरी। विकासखंड नगरी अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय राजपुर में संस्कृत सप्ताह के अवसर पर विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए संस्कृत भाषा के प्रति अपनी रुचि और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस दौरान विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोक वाचन, सूक्ति, संस्कृत गीत, भाषण, संवाद सहित संस्कृत भाषा के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने संस्कृत की समृद्ध परंपरा और उपयोगिता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम संयोजक एवं संस्कृत व्याख्याता डोमार सिंह ध्रुव ने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीन एवं समृद्ध भाषाओं में से एक है। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्कृत की प्राचीनता, वैज्ञानिकता, साहित्यिक समृद्धि तथा वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। साथ ही संस्कृत भाषा के अधिकाधिक प्रयोग, संवर्धन एवं संरक्षण के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य रमेश कुमार टंडन ने संस्कृत सप्ताह के आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि संस्कृत भारतीय ज्ञान-परंपरा और संस्कृति की महत्वपूर्ण भाषा है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि, सम्मान और गौरव की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम का संचालन शाला उपनायक विश्वास मानिकपुरी ने किया। विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता को प्रोत्साहित करने के लिए सभी प्रतिभागियों को कॉपी प्रदान की गई।
इस अवसर पर शाला प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष संतोष निषाद ने भारतीय संस्कृति में संस्कृत की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने शाला स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः 1000, 500 एवं 300 रुपये पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में रामलाल कुंजाम, व्याख्याता श्रीमती राजेश्वरी कुंजाम, सुनीता कोसरे, नीलम शांडिल्य, रीमा शांडिल्य, लक्ष्मीनाथ ओटी, शालानायक दुष्यंत मंडावी, सचिव चोमनदेव प्रजापति सहित विद्यालय के स्टाफ सदस्य एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

