धमतरी में खुलेगा पहला पशु औषधि विक्रय केंद्र, पशुपालकों को सस्ती दर पर मिलेंगी जेनेरिक दवाइयां

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धमतरी में खुलेगा पहला पशु औषधि विक्रय केंद्र, पशुपालकों को सस्ती दर पर मिलेंगी जेनेरिक दवाइयां

दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया पूरी, पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आधार


उत्तम साहू,धमतरी, 7 अगस्त 2026। जिले के पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर है। अब उन्हें अपने पशुओं के उपचार के लिए जेनेरिक दवाइयां सस्ती और उचित दरों पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार की Livestock Health and Disease Control Programme (LHDCP) के तहत धमतरी विकासखंड में जिले के पहले पशु औषधि विक्रय केंद्र (PAVK) की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए प्राप्त आवेदन के आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है।

6 अगस्त को उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, धमतरी द्वारा आवेदक देवेश कुमार सिन्हा (सिन्हा कृषि केंद्र, पीएम किसान समृद्धि केंद्र, ग्राम कोलियरी) एवं फार्मासिस्ट प्रतीक वाटवानी की उपस्थिति में दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। विशेष बात यह है कि छत्तीसगढ़ में अब तक पोर्टल पर स्वीकृत आवेदनों में दस्तावेज सत्यापन के चरण तक पहुंचने वाला यह एकमात्र आवेदन है, जिससे धमतरी को इस पहल में अग्रणी स्थान मिला है।

पशुपालकों को होगा सीधा लाभ

पशु औषधि विक्रय केंद्र शुरू होने के बाद विकासखंड धमतरी के पशुपालकों को जेनेरिक पशु औषधियां स्थानीय स्तर पर सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी। इससे उपचार का खर्च कम होगा, समय पर दवाइयां मिलेंगी और दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता भी कम होगी। यह पहल पशुधन के बेहतर स्वास्थ्य और पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी सहायक होगी।

कलेक्टर ने दिए शीघ्र संचालन के निर्देश

कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि पशुपालकों को बेहतर और सुलभ पशु चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पशु औषधि विक्रय केंद्र शुरू होने से पशुओं का समय पर उपचार संभव होगा और पशुपालकों का आर्थिक बोझ भी कम होगा। उन्होंने संबंधित विभाग को सभी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप केंद्र के संचालन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए हैं, ताकि इसका लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों तक पहुंच सके।

यह पहल जिले में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, किफायती और प्रभावी बनाने के साथ-साथ पशुधन आधारित आजीविका को भी मजबूती प्रदान करेगी।

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