खाद की कालाबाजारी की खबर पर पत्रकार के खिलाफ शिकायत, नगरी के पत्रकारों ने जताया विरोध
एसडीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग; कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
उत्तम साहू
नगरी/सिहावा। नगरी विकासखंड में यूरिया खाद की कथित कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री को लेकर प्रकाशित समाचार के बाद पत्रकार के खिलाफ शिकायत किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर नगरी क्षेत्र के पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
पत्रकारों का कहना है कि क्षेत्र में किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया खाद बेचने तथा खाद को कथित रूप से अन्य राज्यों और बस्तर क्षेत्र की ओर भेजे जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इन मामलों को मीडिया के माध्यम से लगातार उठाया जा रहा है, ताकि किसानों के हितों की अनदेखी और खाद की कथित कालाबाजारी पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित हो सके।
खबर के बाद शिकायत से उठे सवाल
पत्रकारों के अनुसार, नगरी ब्लॉक के अंतिम छोर पर स्थित घुरावड़ गांव में संचालित एक कृषि केंद्र में यूरिया खाद निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसी दौरान खाद को ओडिशा ले जाए जाने की बात भी सामने आई, जिसको लेकर नगरी क्षेत्र के एक पत्रकार ने समाचार प्रकाशित किया।
पत्रकारों का आरोप है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी संबंधित कृषि केंद्र तक पहुंचे। लेकिन कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बजाय कथित तौर पर केंद्र संचालक को पत्रकार के खिलाफ सिहावा थाने में शिकायत करने की सलाह दिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद पत्रकार के खिलाफ शिकायत किए जाने से क्षेत्र के पत्रकारों में आक्रोश फैल गया।
कार्रवाई के बजाय पत्रकार पर दबाव का आरोप
पत्रकारों ने आरोप लगाया कि यदि किसी समाचार में किसानों से जुड़ी गंभीर समस्या, खाद की कथित कालाबाजारी अथवा निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री का मुद्दा उठाया जाता है, तो संबंधित मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके विपरीत पत्रकार के खिलाफ शिकायत किया जाना मीडिया की स्वतंत्रता पर दबाव बनाने का प्रयास प्रतीत होता है।
पत्रकारों का कहना है कि समाचार सही है या गलत, इसका निर्धारण जांच के माध्यम से होना चाहिए। यदि किसी समाचार को लेकर किसी पक्ष को आपत्ति है तो वह तथ्य और दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रख सकता है, लेकिन पत्रकार के खिलाफ शिकायत कर दबाव बनाने की स्थिति लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं मानी जा सकती।
एसडीएम के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर नगरी क्षेत्र के पत्रकारों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर एसडीएम के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। पत्रकारों ने कहा कि जांच ऐसी हो, जिसमें सभी संबंधित पक्षों के बयान लिए जाएं और वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाए।
पत्रकारों ने यह भी मांग की कि खाद की कथित कालाबाजारी, निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री और खाद के अन्य क्षेत्रों में भेजे जाने संबंधी आरोपों की भी जांच की जाए। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
जांच नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पत्रकारों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो पत्रकार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया किसानों और आम जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहेगा और किसी भी प्रकार के दबाव से पीछे नहीं हटेगा।
कृषि अधिकारी ने कहा—बैठक में हूं, बाद में बात करूंगा
मामले में जिला कृषि अधिकारी का पक्ष जानने के लिए दूरभाष से संपर्क किया गया। उन्होंने बैठक में होने की जानकारी देते हुए बाद में बात करने की बात कही। उनका विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

