कस्तूरबा छात्रावास में बवाल- छात्राओं ने अधीक्षिका पर प्रताड़ना के आरोप लगाए, नेशनल हाईवे पर किया चक्काजाम
कोरबा 6 अगस्त 2026। पोंडी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में गुरुवार को उस समय हंगामा मच गया, जब छात्राओं ने छात्रावास की अधीक्षिका शारदा नेताम पर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना सहित कई गंभीर आरोप लगाते हुए कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शन कर रही छात्राओं का आरोप है कि अधीक्षिका उन्हें छात्रावास में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। छात्राओं का यह भी आरोप है कि अधीक्षिका उनसे हाथ-पैर की मालिश कराती हैं और मना करने पर मारपीट के साथ कार्रवाई की धमकी देती हैं। उनका कहना है कि इन कारणों से वे लंबे समय से मानसिक दबाव में थीं।छात्राओं ने बताया कि उन्होंने इससे पहले भी विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी से नाराज होकर उन्हें सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं से अलग-अलग बातचीत कर उनके बयान दर्ज किए और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
प्रशासन की समझाइश के बाद करीब आधे घंटे में चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल कराया गया।मौके पर तहसीलदार विनय देवांगन, नायब तहसीलदार सुमन मानिकपुरी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी के.आर. दयाल, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय, बांगों थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षिका को तत्काल प्रभाव से हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।अधीक्षिका ने आरोपों को बताया निराधारवहीं, छात्रावास अधीक्षिका शारदा नेताम ने छात्राओं द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके खिलाफ सुनियोजित साजिश के तहत झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि पदस्थापना के बाद उन्होंने छात्राओं के हित में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच प्रशासन द्वारा की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

