आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों से रूबरू हुए हितग्राही, तीन दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न
उत्तम साहू
धमतरी, 22 अगस्त 2026। कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी में फल-सब्जी, मशरूम एवं अनाज प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के हितग्राहियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के साथ विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी के प्रमुख डॉ. ईश्वर सिंह के मार्गदर्शन तथा कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार सिन्हा के समन्वय में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उपज एवं खाद्य पदार्थों का वैज्ञानिक तरीके से प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन कर हितग्राहियों को स्वरोजगार एवं सूक्ष्म खाद्य उद्यमिता से जोड़ना था।
राइस नूडल्स से मशरूम पिकल तक सिखाई गई तकनीक
तीन दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को राइस नूडल्स, विभिन्न आकार के राइस पास्ता, मिलेट पास्ता, रागी कुकीज, मखाना कुकीज और मशरूम पिकल सहित कई मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार करने की तकनीक सिखाई गई। कच्चे माल के चयन से लेकर सही फॉर्मूलेशन, मिश्रण तैयार करने, एक्सट्रूजन, बेकिंग, सुखाने, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और सुरक्षित भंडारण तक की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
कृषि विज्ञान केंद्र में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग ट्रेनिंग-कम-इन्क्यूबेशन सेंटर की आधुनिक मशीनों पर प्रतिभागियों को विशेष रूप से हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझ सके।
विशेषज्ञों ने दी बाजार और खाद्य सुरक्षा की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और बाजार की संभावनाओं की जानकारी दी। कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. शक्ति वर्मा ने खाद्य सुरक्षा एवं सुरक्षित खाद्य उत्पादन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन किया। डॉ. प्रेम लाल ने प्रसंस्कृत उत्पादों की मार्केटिंग, बाजार से जुड़ाव एवं विपणन की विभिन्न संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
वहीं डॉ. दीपिका चंद्रवंशी ने फल एवं सब्जियों के प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा उनसे तैयार किए जा सकने वाले विभिन्न उत्पादों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
प्रमाण-पत्र वितरित, स्वरोजगार के लिए किया प्रेरित
समापन अवसर पर जनपद सदस्य श्रीमती दुर्गा नंदिनी, जिला उद्योग केंद्र से श्री प्रशांत चंद्राकर तथा डॉ. संदीप मेघ्राम विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों को खाद्य प्रसंस्करण एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव साझा करते हुए इसे उपयोगी एवं रोजगारपरक बताया। उन्हें प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों को अपने स्व-सहायता समूह, व्यक्तिगत उद्यम अथवा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाई के माध्यम से व्यावसायिक रूप देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. मनीषा खापर्डे ने किया। प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण तकनीकों के साथ उद्यमिता, गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और बाजार से जुड़ने की संभावनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाया।



