कैमरों की नजर से दिखेगा धमतरी का सौंदर्य, ‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ का आगाज
गंगरेल की लहरों से लेकर रुद्री की कयाकिंग तक, क्रिएटर्स ने जाना धमतरी का प्रकृति, आस्था और रोमांच से भरा संसार
आयोजन का पहला दिन धमतरी की आस्था, हरियाली, ग्रामीण जीवन और रोमांच के नाम रहा। प्रतिभागियों ने अंगारमोती माता मंदिर से अपनी यात्रा की शुरुआत की। यहां दर्शन के साथ उन्होंने क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को करीब से जाना। इसके बाद मानसून की हरियाली से घिरे गंगरेल बांध और ठेमली आईलैंड का भ्रमण किया। जल से भरपूर गंगरेल जलाशय और आसपास का मनोरम प्राकृतिक दृश्य क्रिएटर्स के लिए खास आकर्षण रहा।
गांव की गलियों से गांधी मंदिर तक
यात्रा के अगले पड़ाव में क्रिएटर्स हरफर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीण जीवनशैली, स्थानीय परिवेश और छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को नजदीक से महसूस किया। इसके बाद गांधी मंदिर का भ्रमण किया गया। आयोजन ने प्रतिभागियों को यह अवसर दिया कि वे धमतरी को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि यहां की मिट्टी, परंपरा और लोगों की जीवनशैली के साथ समझ सकें।
रुद्री में रोमांच, मंदिरों में आस्था
दिन का सबसे रोमांचक पड़ाव रुद्री रहा, जहां क्रिएटर्स ने कयाकिंग का अनुभव लिया। जल पर्यटन और एडवेंचर टूरिज्म की संभावनाओं से रूबरू होते हुए प्रतिभागियों ने इस अनुभव को कैमरों में भी कैद किया।
इसके बाद रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना और दर्शन किए गए। दिन के अंतिम चरण में बिलाई माता मंदिर पहुंचकर क्रिएटर्स ने आशीर्वाद लिया। रात्रि में गंगरेल-रुद्री क्षेत्र में कैंपिंग और नाइट साइक्लिंग का आयोजन किया गया, जिससे प्रतिभागियों को धमतरी के प्राकृतिक परिवेश का रात के समय अलग अनुभव भी मिला।
वनमंडलाधिकारी जाधव श्रीकृष्णा ने क्रिएटर्स से किया संवाद
क्रिएटर मीट-अप के दौरान वनमंडलाधिकारी श्री जाधव श्रीकृष्णा ने प्रदेशभर से पहुंचे प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने धमतरी की भौगोलिक विविधता, वन संपदा, जैव विविधता, प्राकृतिक विरासत और पर्यटन संभावनाओं पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि धमतरी की पहचान जल, जंगल, हरियाली और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से बनी है। प्रकृति और संस्कृति का यह संगम जिले को पर्यटन की दृष्टि से विशिष्ट बनाता है। उन्होंने क्रिएटर्स से अपील की कि वे अपने कंटेंट के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ प्रकृति संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश भी लोगों तक पहुंचाएं।
वनमंडलाधिकारी ने कहा कि आज सोशल मीडिया किसी पर्यटन स्थल को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम है। क्रिएटर्स के फोटो, वीडियो, रील्स और व्लॉग धमतरी की खूबसूरती को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
रील्स और व्लॉग से बनेगी नई पर्यटन कहानी
‘मॉनसून क्रिएटर मीट-अप 2026’ का सबसे बड़ा आकर्षण यही है कि इसमें धमतरी को सरकारी प्रचार के बजाय क्रिएटर्स की अपनी नजर और अनुभवों से दुनिया के सामने रखने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में प्रतिभागियों द्वारा गंगरेल, रुद्री, ठेमली आईलैंड, धार्मिक स्थलों, ग्रामीण जीवन, प्राकृतिक क्षेत्रों और साहसिक गतिविधियों पर आधारित रील्स, व्लॉग, फोटो और डिजिटल स्टोरी सामने आएंगी।
इससे जिले के पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय होम-स्टे, खान-पान, हस्तशिल्प, परिवहन और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है।
‘Explore • Create • Connect’ से जुड़ी नई पहल
‘Explore • Create • Connect’ थीम पर आयोजित यह आयोजन धमतरी की प्राकृतिक खूबसूरती और डिजिटल दुनिया के बीच एक नया पुल तैयार कर रहा है। मानसून की हरियाली, गंगरेल का विशाल जल विस्तार, रुद्री का रोमांच, मंदिरों की आस्था और गांवों की संस्कृति—इन सभी रंगों को क्रिएटर्स अपने कैमरों में समेट रहे हैं।
अब देखना दिलचस्प होगा कि इन क्रिएटर्स की नजर से सामने आने वाला धमतरी देशभर के डिजिटल दर्शकों को कितना आकर्षित करता है।








