धमतरी में श्रमिक पंजीयन के लिए विशेष अभियान, 41 शिविरों में मिलेगा योजनाओं का लाभ
हर पात्र परिवार तक सौर ऊर्जा पहुंचाने और सोलर दीदियों को रोजगार से जोड़ने की पहल
धमतरी, 02 सितंबर 2026। जिले में पात्र श्रमिकों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सितंबर माह में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत जिले में 41 विशेष शिविर आयोजित कर पात्र श्रमिकों को आवेदन एवं पंजीयन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के यूएलए मॉडल के माध्यम से कम आय वाले परिवारों तक सौर ऊर्जा की सुविधा पहुंचाने और सोलर दीदियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया गया है।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के यूएलए मॉडल, सौर ऊर्जा विस्तार तथा श्रमिकों को शासन की योजनाओं से जोड़ने की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कम आय वाले परिवारों तक पहुंचेगी सौर ऊर्जा
सीईओ जिला पंचायत श्री नाहटा ने बताया कि पीएम सूर्य घर योजना का यूएलए मॉडल विशेष रूप से कम आय वाले एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य ऐसे पात्र परिवारों तक सौर ऊर्जा की सुविधा पहुंचाना है, जो अधिक शुरुआती लागत के कारण अपने घरों में सोलर पैनल स्थापित नहीं करा पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार बिजली बचत के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और परिवारों के ऊर्जा खर्च में कमी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के चारों जनपद पंचायतों को 500-500 आवासों का लक्ष्य दिया गया है। प्रत्येक जनपद पंचायत को पांच-पांच ग्राम पंचायतों की सूची तैयार कर पात्र एवं इच्छुक परिवारों की पहचान करने, व्यापक प्रचार-प्रसार करने और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
सोलर दीदियों को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
बैठक में प्रशिक्षित सोलर दीदियों को सब-वेंडर के रूप में पंजीकृत कर स्थानीय स्तर पर कार्य उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य संबंधित कार्यों में भी उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
सोलर दीदियों के कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। पंचायतों के सहयोग और समन्वय से उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।
सीईओ जिला पंचायत ने कहा कि महिलाओं को तकनीकी कौशल से जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराना महिला सशक्तिकरण के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
सितंबर में चलेगा श्रमिक पंजीयन विशेष अभियान
बैठक में श्रमिकों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए सितंबर माह में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिले की सभी जनपद पंचायतों में क्लस्टरवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
जनपद पंचायतों के सीईओ एवं कार्यक्रम अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में पात्र श्रमिकों को आवेदन एवं पंजीयन प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जानकारी के अभाव या आवश्यक दस्तावेजों की कमी के कारण कोई भी पात्र श्रमिक शासन की कल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। क्लस्टर नोडल अधिकारी श्रमिकों से संपर्क कर उन्हें योजनाओं की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करने और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे।
41 विशेष शिविरों में होगी आवेदन व पंजीयन की सुविधा
श्रमिकों की सुविधा के लिए श्रम विभाग द्वारा जिले में 41 विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में संबंधित क्लस्टर के नोडल अधिकारी, श्रम विभाग के कर्मचारी और कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
शिविरों के माध्यम से श्रमिकों को एक ही स्थान पर योजनाओं की जानकारी, आवेदन और पंजीयन संबंधी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
श्रम विभाग ने श्रमिकों से अपील की है कि वे शिविर में आते समय आधार कार्ड, श्रम कार्ड और स्वयं के नाम से पंजीकृत मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से साथ लाएं। आवेदन एवं सत्यापन प्रक्रिया के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। आवेदन प्रक्रिया के लिए शासन द्वारा 20 रुपये का निर्धारित शुल्क रखा गया है।
सीईओ जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा ने अधिकारियों को दोनों अभियानों को जनभागीदारी, विभागीय समन्वय और सतत मैदानी निगरानी के साथ संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी सुनिश्चित होगी, जब पात्र परिवारों और श्रमिकों तक समय पर योजनाओं की जानकारी और उनका लाभ पहुंचे। इसके लिए पंचायत स्तर तक प्रभावी प्रचार-प्रसार, नियमित मॉनिटरिंग और लक्ष्य आधारित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

