साइबर ठगी पर धमतरी पुलिस का वार, 800 से ज्यादा लोगों को किया अलर्ट
महिलाओं-छात्राओं को सोशल मीडिया अपराधों से बचाव के गुर | OTP- UPI PIN साझा न करने की सख्त हिदायत
उत्तम साहू,धमतरी, 11 सितंबर। साइबर ठगी के बढ़ते खतरे के बीच धमतरी पुलिस ने लोगों को डिजिटल जालसाजों से बचाने के लिए जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। एसपी भावना पांडेय के निर्देशन में “साइबर जागृति अभियान” के चौथे सप्ताह में 800 से अधिक नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया गया।
10 सितंबर को अर्जुनी, रूद्री, भखारा, मगरलोड, बिरेझर, केरेगांव, अकलाडोंगरी, नगरी, सिहावा और बोरई थाना-चौकी क्षेत्रों के गांवों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस ने पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी के नए-नए तरीकों से आगाह किया।
एक OTP और बैंक खाता खाली!
पुलिस ने साफ चेताया कि OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी और पासवर्ड किसी से साझा न करें। अनजान लिंक, फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध ऐप से दूरी रखें। किसी के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर करने या रिमोट एक्सेस देने की गलती भी न करें।
महिलाओं-छात्राओं को सोशल मीडिया पर सतर्क रहने की सीख
महिलाओं और छात्राओं को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न और आपत्तिजनक संदेशों से बचाव के उपाय बताए गए। पुलिस ने कहा कि ऐसी स्थिति में चैट, स्क्रीनशॉट समेत डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखें और तत्काल पुलिस को सूचना दें
ठगी हुई तो देर नहीं, सीधे 1930
साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तुरंत 1930 पर कॉल करें। साथ ही नजदीकी थाना या साइबर सेल को सूचना दें। पुलिस के मुताबिक शुरुआती समय में शिकायत मिलने पर ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ जाती है।
पुलिस की दो टूक अपील
“लालच में क्लिक न करें, डर में जानकारी न दें और जल्दबाजी में भुगतान न करें।”
धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अनजान कॉल, लिंक, मैसेज और ऑनलाइन ऑफर को बिना सत्यापन स्वीकार न करें। डिजिटल दुनिया में आपकी एक छोटी-सी सावधानी, आपकी मेहनत की पूरी कमाई बचा सकती है।

