मड़ेली में धूमधाम से मना ओबीसी दिवस, हक और हिस्सेदारी के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम और आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व की उठी मांग
उत्तम साहू,कुरूद, 10 सितंबर 2026। विकासखंड कुरूद के ग्राम मड़ेली (कचना) में बुधवार को ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के तत्वावधान में ओबीसी दिवस उत्साह और सामाजिक एकजुटता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और ओबीसी समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। इस दौरान 2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए पृथक कॉलम तथा जनसंख्या के अनुपात में सामाजिक, राजनीतिक, शैक्षणिक और आर्थिक हिस्सेदारी सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी और शहीद चूल्हाई राम के चित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। अतिथियों ने सामाजिक न्याय, अधिकार और संगठन की मजबूती को लेकर विचार रखे।
समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने ओबीसी दिवस के ऐतिहासिक संदर्भ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 10 सितंबर 1947 को त्यागमूर्ति राम लखन चंदापुरी ने पिछड़ा वर्ग को न्यायपालिका, विधायिका, कार्यपालिका, शिक्षा, रोजगार, व्यापार और उद्योग में जनसंख्या के अनुपात में भागीदारी दिलाने के लिए सामाजिक न्याय के संघर्ष का शंखनाद किया था। उनके योगदान और शहीद चूल्हाई राम जैसे समाजसेवियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए ओबीसी दिवस मनाया जाता है।
पूर्व विधायक लेखराम साहू ने समाज से अपने वोट और आर्थिक संसाधनों का उपयोग समाजहित में करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जातीय जनगणना कराकर आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी हासिल करने तक संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदेश कार्यसमिति अध्यक्ष टिकेश्वर साहू ने सामाजिक एकता और संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। वहीं मिलाप साहू, भावसिंह डाहरे और नारायण साहू ने युवाओं को संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक और संगठित होने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन चेतन साखरे, युवराज और शैलेन्द्र साहू ने किया। समापन पर उपस्थित लोगों को नाश्ता एवं सेव-बूंदी वितरित की गई और एक-दूसरे को ओबीसी दिवस की शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।


