मगरलोड कन्या स्कूल के सुधार के लिए कलेक्टर को सौंपा मांग पत्र..जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर छात्राएं
उत्तम साहू
मगरलोड/धमतरी। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मगरलोड के जर्जर शाला भवन को लेकर छात्राओं की सुरक्षा और पढ़ाई पर चिंता बढ़ गई है। विद्यालय की बदहाल स्थिति को देखते हुए शाला प्रबंधन समिति ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर धमतरी कलेक्टर को मांग पत्र सौंपा और भवन की आवश्यक मरम्मत एवं नवनिर्माण कार्य शीघ्र कराने की मांग की है।
शाला प्रबंधन समिति ने मांग पत्र में विद्यालय भवन की जर्जर छत, क्षतिग्रस्त दीवारों, बदहाल शौचालय व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। समिति का कहना है कि लंबे समय से भवन की स्थिति खराब होने के कारण छात्राओं को असुरक्षित वातावरण में अध्ययन करना पड़ रहा है।
जर्जर छत से बना हादसे का खतरा
विद्यालय भवन की छत असमतल और बेंड हो चुकी है, जिसके कारण बारिश के दौरान पानी छत पर जमा हो जाता है और कई स्थानों से कक्षाओं में टपकता है। छत एवं दीवारों का प्लास्टर भी जगह-जगह से गिर रहा है। भवन में उपयोग की गई छड़ें जंग लगने के कारण बाहर दिखाई देने लगी हैं, जिससे छात्राओं और शिक्षकों के बीच किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है।
शाला प्रबंधन समिति ने मांग की है कि छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जर्जर छत को हटाकर नई छत का निर्माण कराया जाए।
बालिका शौचालय की व्यवस्था भी बदहाल
मांग पत्र में विद्यालय के बालिका शौचालय की खराब स्थिति का भी उल्लेख किया गया है। समिति के अनुसार शौचालय की टंकी पिछले लगभग पांच से छह वर्षों से बारिश के कारण क्षतिग्रस्त होकर ध्वस्त है। छात्राओं की संख्या के अनुपात में उपलब्ध शौचालय भी पर्याप्त नहीं हैं।
समिति ने नई शौचालय टंकी के निर्माण के साथ नल एवं पाइपलाइन कनेक्शन तथा आवश्यक स्थानों पर टाइल्स लगाने की मांग की है, ताकि छात्राओं को बेहतर स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जंग लगी पाइपलाइन से बाधित हुई पानी की आपूर्ति
विद्यालय में रनिंग वॉटर की व्यवस्था के लिए पहले लोहे की पाइपलाइन लगाई गई थी, लेकिन समय के साथ पाइपों में जंग लग जाने के कारण नलों तक पानी की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। शाला प्रबंधन समिति ने पुरानी लोहे की पाइपलाइन को हटाकर उसके स्थान पर पीवीसी पाइप लगाने की मांग की है।
क्षतिग्रस्त टावर से कक्षाओं में घुस रहा बारिश का पानी
विद्यालय की छत पर बने टावर में लगी सीमेंट की चादर भी टूट चुकी है। बारिश के दौरान पानी सीधे कक्षाओं में पहुंच जाता है, जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित होती है और भवन को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बनी रहती है। समिति ने क्षतिग्रस्त टावर की जगह नया टावर लगाने की मांग की है।
शाला प्रबंधन समिति ने कलेक्टर से छात्राओं की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण को प्राथमिकता देते हुए सभी आवश्यक मरम्मत एवं नवनिर्माण कार्य जल्द शुरू कराने का आग्रह किया है।
मांग पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, सांसद कांकेर, क्षेत्रीय विधायक सिहावा तथा जिला शिक्षा अधिकारी धमतरी को भी सूचनार्थ भेजी गई है। विद्यालय प्रबंधन समिति को उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को संज्ञान में लेकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।






