गांव की जरूरत से तय होगी विकास की दिशा, टिकाऊ परिसंपत्तियों पर विशेष जोर : आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा
कुरूद की पंचायतों में पहुंचे विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त, अमृत सरोवर से आंगनबाड़ी तक किया मैदानी निरीक्षण
उत्तम साहू
धमतरी, 05 सितंबर 2026। गांवों के विकास की योजनाएं अब केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि स्थानीय जरूरतों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं के अनुरूप ठोस कार्ययोजना के रूप में जमीन पर उतरें। इसी उद्देश्य के साथ विकसित भारत-जी राम जी के आयुक्त एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा ने शुक्रवार को धमतरी जिले के कुरूद विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों का दौरा कर विकास कार्यों का मैदानी निरीक्षण किया।
आयुक्त ने ग्राम पंचायत धूमा में बालिका शौचालय निर्माण, अमृत सरोवर और पंचायत भवन का निरीक्षण किया, वहीं ग्राम पंचायत चरमुड़िया पहुंचकर आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा सहित पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
श्रमिकों से सीधे संवाद, समय पर मजदूरी भुगतान के निर्देश
ग्राम पंचायत धूमा में निर्माणाधीन बालिका शौचालय का निरीक्षण करते हुए आयुक्त सिन्हा ने कार्य की प्रगति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने मौके पर कार्यरत श्रमिकों से सीधे बातचीत कर मजदूरी भुगतान की स्थिति जानी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विकास कार्यों की गति के साथ-साथ श्रमिकों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाए और मजदूरी भुगतान से संबंधित प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं।
अमृत सरोवर से आजीविका जोड़ने पर जोर
आयुक्त ने धूमा में निर्मित अमृत सरोवर का भी निरीक्षण किया। यहां स्व-सहायता समूह द्वारा किए जा रहे मछली पालन की जानकारी लेते हुए उन्होंने समूह के सदस्यों से आय और आजीविका गतिविधियों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के लिए निर्मित परिसंपत्तियों को ग्रामीणों की आजीविका से जोड़ना आवश्यक है। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर गांवों में आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
क्यूआर कोड स्कैन कर परखी पंचायत के विकास कार्यों की स्थिति
पंचायत भवन में आयुक्त ने आधुनिक डिजिटल व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने क्यूआर कोड स्कैन कर पंचायत में पूर्ण और प्रगतिरत विकास कार्यों की जानकारी देखी।
क्लार्ट ऐप और युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित एवं स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत स्वीकृत आवासों और उनके निर्माण की प्रगति की जानकारी पंचायत सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक से ली गई।
आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायत स्तर पर कार्यों की नियमित निगरानी की जाए, पोर्टलों पर जानकारी समय-समय पर अपडेट रखी जाए और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाया जाए।
चरमुड़िया आंगनबाड़ी में बच्चों की सुविधाओं का लिया जायजा
भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत चरमुड़िया स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर आयुक्त सिन्हा ने बच्चों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
उन्होंने पोषण, स्वच्छता, सुरक्षित वातावरण और आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन पर जोर देते हुए कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास की महत्वपूर्ण आधारभूत इकाई हैं। इसलिए यहां की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा आवश्यक है।
बैठक में बनी गांवों के विकास की नई रणनीति
मैदानी निरीक्षण के बाद जनपद पंचायत कुरूद कार्यालय में कार्यक्रम अधिकारियों और तकनीकी सहायकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना तैयार करने, कार्यों को सिक्योर एवं युक्तधारा पोर्टल में शामिल करने, स्वीकृति प्रक्रिया और प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा ने विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत बारिश के दौरान और बारिश के बाद प्राथमिकता से किए जाने वाले कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत की कार्ययोजना स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप तैयार होनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों का चयन करते समय स्थानीय आवश्यकता, प्राकृतिक परिस्थितियां, उपलब्ध संसाधन और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखा जाए।
“कागजी योजना नहीं, गांवों के भविष्य की मजबूत नींव बने कार्ययोजना”
आयुक्त ने कहा कि ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना महज औपचारिक दस्तावेज नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह गांवों में उपयोगी और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण की मजबूत नींव बने।
उन्होंने जल संरक्षण, भूमि एवं जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यों की समयबद्ध स्वीकृति, गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से प्रस्तावित और स्वीकृत कार्यों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ काम करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांवों के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे। इसी उद्देश्य से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता, उपयोगिता और दीर्घकालिक लाभ को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

