धमतरी..नगरी की शराब भट्टी में ‘पानी का खेल’!
शराब प्रेमियों का गंभीर आरोप—इंजेक्शन से खींचकर मिलाया जा रहा पानी, पूरी कीमत वसूलने के बाद भी घटिया क्वालिटी की शराब देने का दावा
उत्तम साहू
नगरी। नगरी की शराब भट्टी में इन दिनों कथित तौर पर चल रहे ‘पानी के खेल’ को लेकर शराब खरीदारों में भारी नाराजगी है। वर्षों से शराब खरीदने वाले ग्राहकों का आरोप है कि शराब की गुणवत्ता लगातार गिरती जा रही है और शराब में पानी मिलाकर ग्राहकों को चूना लगाया जा रहा है। ग्राहकों ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
शराब प्रेमियों का कहना है कि वे वर्षों से इसी दुकान से शराब खरीदते आ रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से शराब की क्वालिटी को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। ग्राहकों का आरोप है कि निर्धारित कीमत पूरी वसूली जाती है, लेकिन शराब की वास्तविक गुणवत्ता और मात्रा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंजेक्शन से पानी मिलाने का भी आरोप
मामले को लेकर एक शराब खरीदार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि कथित तौर पर इंजेक्शन के जरिए शराब में पानी मिलाया जाता है। आरोप है कि इस तरह शराब की मात्रा बढ़ाकर अतिरिक्त कमाई का खेल चलाया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इसकी वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
‘पैसे पूरे तो शराब भी पूरी मिले’
ग्राहकों का कहना है कि जब शराब की कीमत पूरी ली जा रही है, तो उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप शराब मिलना चाहिए। उनका सवाल है कि आखिर उपभोक्ता पूरी कीमत चुकाने के बाद मिलावट या घटिया गुणवत्ता वाली शराब क्यों खरीदे?
शराब खरीदारों में इस कथित मिलावट को लेकर खासा आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि दुकान में शराब में पानी मिलाने की शिकायत सही पाई जाती है तो यह उपभोक्ताओं के साथ गंभीर धोखाधड़ी का मामला हो सकता है।
आबकारी विभाग की जांच पर टिकी नजर
अब पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका अहम हो गई है। ग्राहकों ने शासन-प्रशासन से नगरी की संबंधित शराब दुकान का औचक निरीक्षण कराने, शराब के सैंपल लेकर गुणवत्ता की जांच कराने और शिकायत सही पाए जाने पर जिम्मेदार सेल्समैन सहित संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्राहकों का कहना है कि शराब दुकान पर ‘पूरी कीमत—पूरी गुणवत्ता’ सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि शराब में पानी मिलाने के इन गंभीर आरोपों पर आबकारी विभाग क्या कदम उठाता है और जांच में आखिर ‘पानी का खेल’ सच निकलता है या महज आरोप साबित होता है।

