भारी बारिश से नदी-नालों में उफान, वनांचल के रास्तों पर बढ़ा खतरा
रपटों और पुल-पुलियों पर बह रहा पानी, कलेक्टर की सख्त अपील—जान जोखिम में डालकर न करें पार, शॉर्टकट रास्तों से भी रहें दूर
धमतरी, 12 सितंबर 2026। जिले और आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश से नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। कई निचले इलाकों, रपटों, छोटे पुलों और पुलियों के ऊपर पानी आने से वनांचल के कुछ मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। जलाशयों में लगातार हो रही आवक और गंगरेल बांध से पानी छोड़े जाने के बीच जिला प्रशासन ने लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जनपद पंचायत नगरी सहित संबंधित अधिकारियों को जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जिन स्थानों पर रपट, पुल या पुलिया के ऊपर पानी बह रहा है, वहां तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। नगर सेना और राजस्व अमले को संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव के लिए तैयार रहने कहा गया है।
मरीज को घुटने तक पानी में नाला पार कराने की तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता
लगातार बारिश के बीच वनांचल क्षेत्रों से सामने आ रही जोखिम भरी तस्वीरों ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कुछ स्थानों पर मरीजों को घुटने तक पानी वाले नाले को पार कराते हुए देखा गया। ऐसे हालात में जरा सी लापरवाही गंभीर हादसे का कारण बन सकती है।
कलेक्टर मिश्रा ने लोगों से अपील की है कि अपनी जान जोखिम में डालकर उफनते नदी-नालों, रपटों और पुल-पुलियों को पार न करें। शॉर्टकट रास्तों से बचें और जलस्तर बढ़ने पर केवल सुरक्षित एवं निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि कई बार पानी का बहाव ऊपर से कम दिखाई देता है, लेकिन नीचे तेज धार होने के कारण रपट या पुलिया पार करना बेहद खतरनाक हो सकता है। इसलिए जलभराव वाले स्थानों पर जाने से बचें और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
स्वास्थ्य केंद्रों और राशन व्यवस्था पर भी नजर
कलेक्टर ने स्वास्थ्य अमले को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त स्टाफ की मौजूदगी सुनिश्चित करने के साथ जरूरी दवाइयों एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राशन और अन्य आवश्यक सामग्री पहले से उपलब्ध रखने को भी कहा गया है।
गंगरेल से छोड़ा जा रहा 30 हजार क्यूसेक पानी
गंगरेल बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार पानी की आवक को देखते हुए जल प्रबंधन के तहत बांध से 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आरएसपी गंगरेल से एनआरबी की ओर 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिसमें एनआरबी से एमएमसी की ओर 5 हजार क्यूसेक तथा महानदी में 25 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है।
रात्रि 10 बजे की स्थिति में गंगरेल बांध का जलस्तर 348.43 मीटर दर्ज किया गया। बांध में 35,058 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जबकि कुल 16,725 क्यूसेक पानी की निकासी दर्ज की गई। बांध की कुल जलभराव क्षमता के मुकाबले 96.66 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया।
पानी की लगातार आवक को देखते हुए गंगरेल बांध और निचले क्षेत्रों में जलप्रवाह की स्थिति पर प्रशासन की लगातार नजर है। संबंधित विभागों को सतर्क रहने तथा नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की अपील साफ है—बारिश के दौरान जल्दबाजी या शॉर्टकट के चक्कर में जिंदगी दांव पर न लगाएं। पानी का बहाव थमने और मार्ग सुरक्षित होने का इंतजार करें।

