धमतरी..सूर्य की रोशनी से रोशन हो रहे घर, घट रही बिजली बिल की चिंता
प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना से धमतरी में सौर ऊर्जा को बढ़ावा, 2 हजार से अधिक घरों में लगे सोलर संयंत्र
धमतरी, 17 सितंबर 2026। सूर्य की रोशनी अब धमतरी जिले के हजारों परिवारों के लिए सिर्फ उजाले का साधन नहीं, बल्कि बिजली खर्च में राहत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता का माध्यम भी बन रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के तहत जिले में सौर ऊर्जा को अपनाने का सिलसिला तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगस्त 2026 तक जिले के 2,031 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
केंद्र सरकार की इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी 2024 को ‘पीएम सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना’ शुरू करने की घोषणा की थी। योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 3 किलोवॉट तक के सोलर संयंत्र पर केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जाती है। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 75,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और एक करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
7 हजार से अधिक आवेदन, 2 हजार घरों में संयंत्र
धमतरी जिले में योजना को लेकर लोगों की बढ़ती रुचि आंकड़ों में भी दिखाई दे रही है। अगस्त 2026 तक जिले में 7,177 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 7,175 आवेदनों की फीजिबिलिटी स्वीकृत हुई, जबकि 6,034 हितग्राहियों ने वेंडर का चयन किया। इनमें से 2,031 घरों में सोलर संयंत्र स्थापित हो चुके हैं।
स्थापना के बाद 1,938 प्रकरणों में निरीक्षण स्वीकृत हुआ है। वहीं 1,745 हितग्राहियों की सब्सिडी रिडीम हुई, 1,627 प्रकरणों में सब्सिडी स्वीकृत की गई तथा 1,555 हितग्राहियों को सब्सिडी वितरित की जा चुकी है।
ग्राम ठेनही बना जिले का पहला सामूहिक सोलर गांव
योजना की सबसे खास तस्वीर जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल में देखने को मिल रही है। नगरी विकासखंड का ग्राम ठेनही जिले का पहला गांव बना है, जहां सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। गांव के 71 परिवारों के लिए 2-2 किलोवॉट क्षमता के हिसाब से कुल 142 किलोवॉट क्षमता का सामूहिक सोलर प्लांट लगाया गया है।
गांव से करीब 50 से 75 मीटर की दूरी पर उपलब्ध भूमि में स्थापित इस संयंत्र के लिए ग्रामीणों से कोई राशि नहीं ली गई है। आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विद्युत उत्पादन और घरों तक कनेक्शन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता अनिल सोनी के अनुसार जिले के ऐसे 55 गांवों का चयन किया गया है, जहां पक्की छत वाले मकानों की संख्या कम और खपरैल वाले मकान अधिक हैं। ऐसे गांवों में जरूरत के अनुसार सामूहिक सोलर प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
ठेनही के ग्रामीण इंदर सिंह नेताम के मुताबिक सौर संयंत्र गांव के लिए खुशी और राहत का अवसर है। इससे बिजली बिल की चिंता कम होने के साथ गांव में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
‘सोलर दीदी’ से ग्रामीण महिलाओं को नई भूमिका
सौर ऊर्जा को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित न रखते हुए इसे ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। नाथूकोना सहित जिले के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से ‘सोलर दीदी’ के पंजीयन और प्रशिक्षण की पहल की जा रही है।
ग्रामीण महिलाओं को सोलर संयंत्रों के संचालन, रखरखाव, आवश्यक सावधानियों और ग्रामीण स्तर पर सौर सेवाएं उपलब्ध कराने की जानकारी दी जा रही है। इससे स्वच्छ ऊर्जा के साथ ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर भी तैयार होने की उम्मीद है।
बिजली बचत से आत्मनिर्भरता तक
धमतरी में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अब धीरे-धीरे एक सरकारी योजना से आगे बढ़कर ग्रामीण और शहरी परिवारों के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत के रूप में पहचान बना रही है। सौर ऊर्जा से बिजली खर्च में राहत मिलने के साथ पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी मदद मिल रही है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने योजना के क्रियान्वयन को समयबद्ध, पारदर्शी और जनसुलभ बनाने तथा लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए हैं।
धमतरी में सूरज की किरणें अब खेत-खलिहानों और घरों की छतों पर उतरकर सिर्फ उजाला ही नहीं दे रहीं, बल्कि बिजली बचत, स्वच्छ ऊर्जा, ग्रामीण आजीविका और आत्मनिर्भरता की नई कहानी भी लिख रही हैं।



