गट्टासिल्ली–करैहा सड़क बदहाल, 12 से अधिक गांवों के ग्रामीण परेशान

0

गट्टासिल्ली–करैहा सड़क बदहाल, 12 से अधिक गांवों के ग्रामीण परेशान

भारी मालवाहक वाहनों के दबाव से उखड़ी सड़क की डामर परत, बड़े-बड़े गड्ढों ने बढ़ाया हादसों का खतरा; मरम्मत नहीं होने पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


उत्तम साहू 

नगरी,गट्टासिल्ली। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत आने वाली गट्टासिल्ली से करैहा तक करीब 9 किलोमीटर लंबी सड़क की बदहाली से 12 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और डामर व गिट्टी उखड़कर बाहर आ गई है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को रोजाना जोखिम उठाकर इस मार्ग से गुजरना पड़ रहा है।


विडंबना यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुगम आवागमन के लिए बनाई गई सड़क अब लोगों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। सड़क की हालत ऐसी हो गई है कि बाइक और चारपहिया वाहनों को संभलकर चलाना पड़ता है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग की ओर से अब तक प्रभावी मरम्मत नहीं किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।


12 से अधिक गांवों के लिए महत्वपूर्ण मार्ग


गट्टासिल्ली–करैहा सड़क नगरी ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने के लिए कई गांवों का प्रमुख मार्ग है। आमदी, सांकरा, चिवर्री, आरमुड़ा, सारंगपुरी, करैहा, कुम्हड़ाकोट, अर्जुनी और नयापारा सहित कांकेर जिले के भनसुली, बरेठीनबाहरा और आमापारा समेत आसपास के गांवों के लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य जरूरी कार्यों के लिए इसी मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। सड़क की खराब स्थिति का सीधा असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।


भारतमाला सड़क निर्माण के बाद बढ़ा भारी वाहनों का दबाव


करैहा के सरपंच राधेश्याम नेताम ने बताया कि पहले गुहाननाला–गट्टासिल्ली से करैहा होते हुए भनसुली तक सड़क डामरीकृत थी और आवागमन में विशेष परेशानी नहीं होती थी। लेकिन रायपुर–विशाखापट्टनम भारतमाला राष्ट्रीय राजमार्ग के सिक्सलेन निर्माण कार्य के दौरान इस क्षेत्र से भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही बढ़ गई। उनके अनुसार, 60 टन से अधिक वजन वाले वाहनों के लगातार दबाव के कारण सड़क की डामर परत क्षतिग्रस्त हुई और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए।


सड़क की बदहाली पर प्रशासन कब लेगा सुध?


ग्रामीणों की परेशानी के बीच अब सवाल उठ रहा है कि आखिर क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए जिम्मेदार विभाग कब जागेगा? यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई, तो आवागमन में परेशानी के साथ दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है। भारी वाहनों के दबाव से सड़क को नुकसान पहुंचने की बात सामने आने के बाद इसकी स्थिति का तकनीकी आकलन और आवश्यक सुधार कराना जरूरी है।


सरपंच राधेश्याम नेताम ने जिला प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि ग्रामीणों, विद्यार्थियों और अन्य राहगीरों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की इस समस्या पर प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है और बदहाल सड़क से लोगों को राहत मिलती है या नहीं।


Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !