कलेक्टर के निर्देश पर नशा मुक्ति केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण
कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति, सीसीटीवी निगरानी और बेहतर पुनर्वास व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
धमतरी, 16 अक्टूबर। जिले में संचालित संस्थाओं की व्यवस्थाओं में सुधार और शासन के निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के निर्देश पर आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक ने धमतरी स्थित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं और गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान केंद्र के प्रबंधन एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाओं में सुधार लाने और जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
समय पर उपस्थिति और सीसीटीवी निगरानी पर जोर
निरीक्षण के दौरान केंद्र के प्रबंधक को सभी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्र की दैनिक गतिविधियों और व्यवस्थाओं पर प्रभावी निगरानी रखने के लिए परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने को कहा गया। इसका उद्देश्य केंद्र की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने, अनुशासन को मजबूत करने और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
स्वच्छता, भोजन और पुनर्वास सेवाओं पर विशेष ध्यान
अधिकारियों ने केंद्र में निवासरत व्यक्तियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। इस दौरान स्वच्छता, भोजन, देखभाल, अनुशासन और पुनर्वास संबंधी गतिविधियों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही केंद्र में रहने वाले व्यक्तियों को सुरक्षित एवं सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराने और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
लापरवाही पर तय होगी जिम्मेदारी
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले की संस्थाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा संस्थाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नियमित समीक्षा एवं आकस्मिक निरीक्षण जारी रखने की बात कही गई है। इसके माध्यम से संस्थाओं में पारदर्शिता, अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के साथ व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने पर जोर दिया जा रहा है।

