वोट बचाओ–देश बचाओ आंदोलन में कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की उठी मांग
नगरी में गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण के बाद पुतला दहन, पैदल मार्च कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन; विधायक अम्बिका मरकाम ने कहा—मताधिकार की रक्षा लोकतंत्र की पहली जिम्मेदारी
नगरी, 22 अक्टूबर 2026। मतदाता सूची में पारदर्शिता, मताधिकार की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को लेकर गुरुवार को नगरी में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ आंदोलन के तहत विरोध प्रदर्शन किया। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी नगरी, कुकरेल एवं बेलरगांव के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ नेताओं, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाते हुए निर्वाचन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवाज बुलंद की।
आंदोलन की शुरुआत गांधी उद्यान, नगरी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर की गई। इसके बाद कांग्रेसजन बस स्टैंड पहुंचे, जहां मुख्य निर्वाचन आयुक्त के पुतले का दहन कर विरोध दर्ज कराया गया। यहां से कार्यकर्ताओं ने पैदल मार्च निकाला और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग के साथ मतदाता सूची को पारदर्शी बनाने, पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने तथा निर्वाचन संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की गई।
विधायक अम्बिका मरकाम बोलीं—जनता का वोट ही लोकतंत्र की असली ताकत
सभा को संबोधित करते हुए सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का वोट है। प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की रक्षा करना हम सभी की संवैधानिक जिम्मेदारी है। चुनाव केवल सरकार बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनता की इच्छा, विश्वास और अधिकारों की अभिव्यक्ति का माध्यम है। इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का गंभीरता से निराकरण किया जाना चाहिए। किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए और न ही किसी मतदाता को उसके लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित किया जाना चाहिए। निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही आवश्यक है।
विधायक मरकाम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को उनके मताधिकार के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जनता की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना जरूरी है। कांग्रेस पार्टी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी।
निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला हैं। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि या पात्र मतदाताओं के नाम छूटने की शिकायतों का निष्पक्ष परीक्षण होना चाहिए। निर्वाचन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था और समयबद्ध कार्रवाई जरूरी है।
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसजनों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, मतदाता सूची के पुनरीक्षण में निष्पक्षता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता जनता के विश्वास से जुड़ी होती है। इसलिए निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित सवालों और शिकायतों का उचित समाधान किया जाना चाहिए।
‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान को लेकर कांग्रेसजनों ने कहा कि यह आंदोलन मताधिकार की सुरक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इस मुद्दे पर आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करने की बात कही।
वरिष्ठ नेताओं से लेकर युवा कार्यकर्ताओं तक की रही सहभागिता
विरोध प्रदर्शन में सिहावा विधायक अम्बिका मरकाम, पूर्व विधायक डॉ. लक्ष्मी ध्रुव, पूर्व विधायक अशोक सोम, इस्मिता सिंह, भानेद्र ठाकुर, कमलेश मिश्रा, रामभरोस साहू, कैलाश प्रजापति, अनवर रजा, राजू सोम, अखिलेश दुबे, मुनेंद्र ध्रुव, जीवन नहाटा, भूषण साहू, तमेश्वरी साहू, आशीष सिंह, नंदनी साहू, छमा साहू, दुर्गेश नंदनी, पुष्पा माण्डवी, रेणुका शर्मा, अनसूया साहू, मिक्की गुप्ता, जयंती साहू, कृति मरकाम, हरीश साहू, सचिन भंसाली, अयूब खान, मयक ध्रुव, महेंद्र पाण्डेय, खम्मन साहू, महेंद्र धेनुसेवक, रोहित मानिकपुरी, नटवर नेताम, उत्तम नेताम, हितेश सोनवानी, दुर्गेश कश्यप, आसिफ खान, रातेश्वर नेताम, संत नेताम, नगेन्द्र पुजारी, नंद कुमार निषाद, सुरेश कोर्राम, रमाकांत तिवारी और सोमनाथ नेताम सहित अनेक कांग्रेसजन शामिल हुए।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की ओर से विधानसभा अध्यक्ष अरविंद यादव, नगर अध्यक्ष राकेश नेताम, जिला उपाध्यक्ष भावेश चांदनिया, विधानसभा महासचिव लाकेश्वर साहू, महाविद्यालय अध्यक्ष लक्ष्य तिवारी एवं विधानसभा सचिव यतिन साहू सहित पदाधिकारियों ने भाग लिया।
इसके अलावा जग्गू पटेल, रूपेश नेताम, मनोज साहू, साहिल नेताम, घनश्याम ध्रुव, टिमन साहू, मिथल साहू, विनय साहू, गुंजन मरकाम, मोनू भारती, चुम्मन नाग, डुमेंद्र मरकाम, राहुल नाग, मेहुल भारती, तेजू मरकाम और शंकर यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में नगरी, कुकरेल एवं बेलरगांव ब्लॉक के कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, किसान कांग्रेस, सेवादल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं की भागीदारी रही। पुतला दहन, पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने के माध्यम से कांग्रेसजनों ने मताधिकार की सुरक्षा, निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।






