साँकरा सोसायटी में रिटायर्ड चपरासी से काम लेने पर उठे सवाल,
प्रबंधक बोले—खाद स्टॉक के कारण किसानों की परेशानी रोकने के लिए ली गई सेवा, 10 दिन के भीतर हटाया जाएगा सेवानिवृत्त कर्मचारी
धमतरी/नगरी। विकासखंड नगरी की आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था मर्यादित साँकरा में सेवानिवृत्ति के बाद भी चपरासी से काम लिए जाने का मामला सामने आया है। इसे लेकर ग्रामीणों और किसानों ने सवाल उठाते हुए व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि जब कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है, तो आखिर किस नियम और किस आधार पर उससे अब भी काम लिया जा रहा है? मामले को लेकर ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। वहीं, संस्था के प्रबंधक ने आगामी 10 दिनों के भीतर सेवानिवृत्त कर्मचारी को हटाने की बात कही है।
सेवानिवृत्ति के बाद भी खाद वितरण और कार्यालयीन कार्य में लगा कर्मचारी
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, साँकरा सोसायटी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत चपरासी से सेवानिवृत्ति के बाद भी काम लिया जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित कर्मचारी को खाद वितरण और अन्य कार्यालयीन कार्यों में लगे हुए देखा जा रहा है। इससे संस्था की कार्यप्रणाली और सेवानिवृत्ति के बाद सेवा जारी रखने के आधार को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संस्था में कर्मचारी की आवश्यकता थी, तो सेवानिवृत्ति के बाद उसकी सेवाएं जारी रखने के लिए अपनाई गई प्रक्रिया और नियमों की स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। वहीं, बेरोजगार युवाओं को अवसर देने के मुद्दे पर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं।
किसानों की सुविधा के नाम पर कब तक जारी रहेगी व्यवस्था?
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी संस्थाओं में नियमों का पालन सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। यदि किसी कर्मचारी की सेवानिवृत्ति हो चुकी है, तो उसके बाद भी काम लिए जाने के मामले में पारदर्शिता जरूरी है। किसानों ने मांग की है कि सहकारी संस्था में सेवानिवृत्त कर्मचारी से काम लेने के कारणों की जांच की जाए और नियमानुसार निर्णय लिया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे कलेक्टर धमतरी और उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं धमतरी के समक्ष शिकायत प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने यह भी मांग की है कि संस्था में रिक्त पदों और कर्मचारियों की आवश्यकता की स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि पात्र बेरोजगार युवाओं को अवसर मिल सके।
प्रबंधक का पक्ष—10 दिन के भीतर हटाया जाएगा कर्मचारी
इस संबंध में साँकरा सहकारी संस्था के प्रबंधक जीवन लाल साहू ने बताया कि कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुका है। खाद का स्टॉक होने के कारण किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से उसकी सेवाएं ली जा रही थीं। अब किसानों को ऐसी समस्या नहीं है, इसलिए आगामी 10 दिनों के भीतर सेवानिवृत्त कर्मचारी को हटा दिया जाएगा।
प्रबंधक के इस बयान के बाद अब यह देखना होगा कि निर्धारित समयसीमा में कर्मचारी को कार्य से अलग किया जाता है या नहीं। फिलहाल, मामला सहकारी संस्था की कार्यप्रणाली, नियमों के पालन और बेरोजगार युवाओं को अवसर देने से जुड़ा होने के कारण चर्चा में है।

