सिहावा शीतला शक्ति पीठ में विधि-विधान से हुआ ज्योत-ज्वारा विसर्जन
महानवमी पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, माता की पूजा-अर्चना के बाद भंडारे में भक्तों ने ग्रहण किया प्रसाद
नगरी। सिहावा स्थित प्रसिद्ध शीतला शक्ति पीठ में शारदीय नवरात्रि के अंतिम दिन महानवमी पर ज्योत-ज्वारा विसर्जन पारंपरिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर माता के दर्शन, पूजा-अर्चना और ज्योत-ज्वारा विसर्जन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। माता के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा और मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं आस्था का वातावरण बना रहा।
महानवमी की सुबह शीतला शक्ति पीठ से ज्योत-ज्वारा विसर्जन के लिए पारंपरिक शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शीतला तालाब पहुंची, जहां सरोवर स्नान की परंपरा के साथ विधि-विधानपूर्वक ज्योत-ज्वारा का विसर्जन किया गया। इस दौरान ऋषि पंचमी सेवा मंडली, गणेश घाट सिहावा द्वारा प्रस्तुत माता सेवा गीतों ने श्रद्धालुओं को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। माता सेवा गीतों की मधुर धुनों के बीच गढ़ के देवी-देवता अपने पारंपरिक स्वरूप में डांग आदि धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुए। देवी-देवताओं के पारंपरिक नृत्य और श्रद्धालुओं की सहभागिता ने विसर्जन यात्रा को आकर्षक बना दिया।
विसर्जन के पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसके बाद शीतला माता की विधिवत पूजा-अर्चना कर भोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
मां सिद्धिदात्री की आराधना से मिलती है आध्यात्मिक ऊर्जा
महानवमी के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए आचार्य नारायण प्रसाद पाठक ने बताया कि नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है। मां सिद्धिदात्री को सिद्धियों की प्रदाता माना गया है। उनकी आराधना से सुख, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होने की मान्यता है। नवरात्रि का पर्व सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने, नकारात्मक विचारों को दूर करने तथा समाज में श्रद्धा, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना को मजबूत करने का संदेश देता है।
समिति अध्यक्ष ने जताया आभार
शीतला शक्ति पीठ समिति के अध्यक्ष नरेंद्र नाग ने शारदीय नवरात्रि पर्व को सफल बनाने में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, मीडिया प्रतिनिधियों, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग, समर्पण और सेवा भावना से नवरात्रि का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार सहयोग और सहभागिता बनाए रखने की अपील की।
आयोजन की सफलता में समिति अध्यक्ष नरेंद्र नाग, संरक्षक नेम सिंह बिशेन एवं मंशा गौर, उपाध्यक्ष बलदेव निषाद एवं रामलाल नेताम, सचिव नारद निषाद, सहसचिव बुधेश्वर साहू एवं लालेस्वर साहू, सलाहकार गगन नाहटा एवं भरत निर्मलकर, ग्राम पटेल राजेश यदु, सांस्कृतिक प्रभारी तुकाराम साहू, सहप्रभारी महेंद्र कौशल, निर्माण समिति प्रभारी सचिन भंसाली तथा पुजारी ज्ञान सागर पटेल एवं परमेश्वर नेताम सहित अनेक लोगों का योगदान रहा।
इसके अलावा मेहतर गौर, राजकुमार निषाद, दीपक तंवर, छबि ठाकुर, संजय सारथी, कुँवर साहू, जग्गू साहू, नरेश पटेल, महेश साहू, सुभाष यादव, महेंद्र साहू, अभय नेताम, नवल साहू, दिनेश पटेल, बैजनाथ पटेल, बाल सिंह शोरी, जसपाल कुंजाम, पूरन बिसेन, विष्णु साहू, रोहित साहू, शांतिलाल साहू, दीनदयाल गंधर्व, तुलसी कुंजाम, अंश गौतम, सुधांशु यदु, विनोद बेस, सुंदरियां साहू, चरणबती नेताम, देवंतिन श्रीमाली, गोत्री बिसेन एवं खेमिन यादव सहित अन्य सहयोगियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


