पवई रानी वाटरफॉल बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र, बम्बू राफ्टिंग और बोटिंग शुरू करने की तैयारी
जिला पंचायत CEO जयंत नाहटा ने अधिकारियों को दिए निर्देश, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय युवाओं और महिला समूहों को मिलेंगे रोजगार के अवसर
धमतरी, 31 अक्टूबर 2026। धमतरी जिले में पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान देने और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में मगरलोड विकासखंड के ग्राम पंचायत पांहदा स्थित पवई रानी वाटरफॉल को प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा ने वाटरफॉल में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार करने तथा बम्बू राफ्टिंग और बोटिंग जैसी गतिविधियां शुरू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
मगरलोड विकासखंड की विभिन्न ग्राम पंचायतों में संचालित एवं प्रस्तावित विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सीईओ ने पवई रानी वाटरफॉल की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन संभावनाओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को यहां बम्बू राफ्टिंग एवं बोटिंग जैसी गतिविधियों की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा और स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों तथा ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
उन्होंने पर्यटन विकास के साथ पर्यटकों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके अलावा पवई रानी क्षेत्र में 7 नग नाडेप निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे जैविक कचरे का उचित प्रबंधन और जैविक खाद उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।
सीईओ ने ग्राम पंचायत पांहदा की समिति के सदस्यों को विकास एवं आजीविका संबंधी गतिविधियों का अध्ययन कराने के लिए बस के माध्यम से दंतेवाड़ा एवं बस्तर भ्रमण की व्यवस्था करने को भी कहा। इससे समिति के सदस्य वहां संचालित सफल गतिविधियों और कार्यप्रणालियों को समझकर अपने क्षेत्र में लागू कर सकेंगे।
इसी दौरान ग्राम पंचायत राजपुर में मुक्तिधाम पहुंच मार्ग पर सीसी रोड निर्माण की आवश्यकता को देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सीईओ जयंत नाहटा ने कहा कि पवई रानी वाटरफॉल को पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करना होगा। पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होने से मगरलोड क्षेत्र को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों की आय और आजीविका के अवसरों में भी वृद्धि होगी।

