हरदीभांठा की महिलाएं बना रहीं फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम

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हरदीभांठा की महिलाएं बना रहीं फिनाइल, हैंडवॉश और साबुन, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाए कदम

सेवा संकल्प अभियान के तहत आरसेटी से प्रशिक्षण लेकर शुरू किया उत्पादन, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की अपील


उत्तम साहू 

नगरी/धमतरी, 13 अक्टूबर 2026। सेवा संकल्प अभियान के तहत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र के ग्राम हरदीभाठा की महिलाएं प्रेरणादायी पहल कर रही हैं। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) से प्रशिक्षण प्राप्त महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं अब फिनाइल, हार्पिक, हैंडवॉश, साबुन, वाशिंग पाउडर, बर्तन धोने का लिक्विड, मोमबत्ती और मिल्की बेस साबुन सहित दैनिक उपयोग की विभिन्न सामग्रियों का निर्माण कर रही हैं। उनके इस प्रयास से ग्रामीण महिलाओं के कौशल को स्वरोजगार से जोड़ने और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर विकसित करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।


प्रशिक्षण के माध्यम से उत्पाद बनाने का हुनर सीखने के बाद महिलाएं सामूहिक रूप से उत्पादन के कार्य में जुटी हैं। उनका उद्देश्य अपने कौशल का उपयोग कर आय के नए साधन विकसित करना और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने में योगदान देना है। समूह के माध्यम से काम करने से महिलाओं को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने तथा मिलकर उद्यम संचालित करने का अवसर भी मिल रहा है।


 प्रशिक्षण को स्वरोजगार में बदल रहीं महिलाएं



ग्राम हरदीभाठा में प्रतिज्ञा स्व-सहायता समूह की दामिनी, रीना, बसंती, कमल और पूर्णिमा सहित अन्य महिला सदस्य उत्पाद निर्माण में सहभागिता निभा रही हैं। इसके अलावा जमुना बाई, मथुरा साहू, रेशमी, यशबाई, लता बाई, सांवली यादव और सली सहित अन्य महिलाएं भी इस कार्य में जुटी हैं। विश्वकर्मा नाम से जुड़े दो समूहों की महिलाएं भी इस पहल का हिस्सा हैं।


महिलाओं ने प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी और कौशल को उत्पादन के कार्य में उपयोग करना शुरू किया है। अब उनके सामने अपने उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, लागत के अनुरूप उचित मूल्य निर्धारित करने और बाजार तक पहुंच बढ़ाने की चुनौती के साथ नए अवसर भी हैं। यदि नियमित मांग और विपणन की बेहतर व्यवस्था मिलती है, तो यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का मजबूत माध्यम बन सकती है।


 सरकारी संस्थानों से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने की अपील



महिला उद्यमियों के प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए शासकीय कार्यालयों, अस्पतालों, विद्यालयों और अन्य संस्थानों से अपील की गई है कि दैनिक उपयोग की सामग्री खरीदते समय स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों पर भी विचार करें। फिनाइल, हैंडवॉश, साबुन, बर्तन धोने का लिक्विड और वाशिंग पाउडर जैसी नियमित उपयोग की वस्तुओं के लिए स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध होने से महिला समूहों को अपने उत्पादन का विस्तार करने में मदद मिल सकती है।


हालांकि, संस्थागत खरीदी में उत्पादों की गुणवत्ता, उपयोगिता, निर्धारित मानकों, उचित दरों और लागू शासकीय क्रय नियमों का पालन आवश्यक होगा। स्थानीय उत्पादों को बाजार में अवसर मिलने से महिलाओं को अपने कार्य को व्यवस्थित उद्यम के रूप में विकसित करने की प्रेरणा मिल सकती है।


 ‘वोकल फॉर लोकल’ से मजबूत होगी ग्रामीण उद्यमिता


हरदीभाठा की महिलाओं की यह पहल स्थानीय संसाधनों, प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने का उदाहरण है। स्थानीय उत्पादों की नियमित मांग, आकर्षक पैकेजिंग, गुणवत्ता में निरंतर सुधार और बेहतर विपणन व्यवस्था इस प्रयास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की यह पहल महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय नागरिकों, संस्थानों और उपभोक्ताओं का सहयोग मिले तो हरदीभाठा की महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध हो सकता है। इससे महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत की भावना को भी मजबूती मिलेगी।


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