ग्रेसियस कॉलेज के 50 विद्यार्थियों ने सीखा ड्रोन टेक्नोलॉजी का हुनर

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ग्रेसियस कॉलेज के 50 विद्यार्थियों ने सीखा ड्रोन टेक्नोलॉजी का हुनर



पांच दिवसीय बूट कैंप में UAV, फ्लाइट सिस्टम और ऑटोनॉमस इंटेलिजेंस की दी गई जानकारी, प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को मिले प्रमाण पत्र

उत्तम साहू 

अभनपुर। आधुनिक तकनीक और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ग्रेसियस कॉलेज ऑफ एजुकेशन, अभनपुर के 50 विद्यार्थियों ने पांच दिवसीय ड्रोन टेक्नोलॉजी बूट कैंप सफलतापूर्वक पूरा किया। 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT), रायपुर के तत्वावधान में किया गया।

महाविद्यालय के संचालक डॉ. आशुतोष शुक्ला एवं सह-संचालक श्रीमती भारती शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस बूट कैंप की थीम 'UAV Innovation, Flight Systems & Autonomous Intelligence' रही। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ड्रोन तकनीक की कार्यप्रणाली, संचालन और विभिन्न क्षेत्रों में इसके व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. रिया तिवारी एवं NIELIT के डायरेक्टर इंचार्ज अंजन जोशी की उपस्थिति में हुआ। उद्घाटन सत्र में विशेषज्ञों ने तकनीकी नवाचार और भविष्य में ड्रोन तकनीक की बढ़ती उपयोगिता पर जानकारी दी।

पांच दिनों तक चले प्रशिक्षण में विद्यार्थियों को ड्रोन का इतिहास, बुनियादी तकनीक, फ्लाइट सिस्टम और आधुनिक अनुप्रयोगों की जानकारी दी गई। कृषि, सुरक्षा, निगरानी और डिलीवरी सेवाओं में ड्रोन की भूमिका को उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया। इसके अलावा ड्रोन, हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर के बीच तकनीकी अंतर तथा पक्षियों की उड़ान से जुड़े एयरोमैकेनिक्स पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए।

प्रशिक्षण में NIELIT भुवनेश्वर से आए कौशिक मोहंती, देवेंद्र दास एवं बिस्वजीत जेना तथा NIELIT नवा रायपुर के रित्विक और सोनम ने मेंटर्स के रूप में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। विशेषज्ञों ने तकनीकी विषयों की जानकारी देने के साथ विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और नवाचार के लिए प्रेरित किया।

समापन अवसर पर प्रशिक्षण पूरा करने वाले सभी 50 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समन्वय कंप्यूटर विभाग की सहायक प्राध्यापक अदिति पाण्डेय ने किया।

महाविद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन जैसी उभरती तकनीकें भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी दक्षता प्रदान करते हैं और उन्हें बदलते दौर की जरूरतों के अनुरूप तैयार करते हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने सभी विद्यार्थियों, प्रशिक्षकों एवं आयोजकों को बधाई दी।

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