नगरी के साईं मंदिर में चोरी, CCTV में कैद हुए चोर
बार-बार वारदातों से श्रद्धालुओं में रोष, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
उत्तम साहू
नगरी/ नगर पंचायत नगरी के वार्ड क्रमांक 6 स्थित साईं मंदिर एक बार फिर चोरों के निशाने पर आ गया है। रविवार देर रात करीब 1:20 बजे अज्ञात चोर मंदिर परिसर में घुसे और दोनों मंदिरों की दान पेटियाँ उठाकर फरार हो गए। हैरानी की बात यह है कि पूरी वारदात मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों में साफ तौर पर कैद हुई है, बावजूद इसके चोर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
यह कोई पहली घटना नहीं है। बीते कुछ महीनों में साईं मंदिर में तीन से चार बार चोरी की घटनाएँ हो चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी भी मामले में ठोस कार्रवाई या गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने श्रद्धालुओं और वार्डवासियों में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि साईं मंदिर के ठीक सामने एसडीएम निवास सहित कई प्रशासनिक आवास स्थित हैं। इतने संवेदनशील और प्रशासनिक क्षेत्र में बार-बार चोरी होना नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद मंदिर समिति के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने बैठक कर चिंता व्यक्त की। नागरिकों का कहना है कि जब आरोपी सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं, फिर भी गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इससे आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है।
नगरवासियों की प्रमुख मांगें
- साईं मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र में नियमित और सुदृढ़ रात्रिकालीन पुलिस गश्त
- पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
- मंदिर परिसर एवं आसपास अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात्रिकालीन पुलिस गश्त वास्तव में होती भी है या नहीं, यह अपने आप में एक बड़ा सवाल बन गया है।
इस संबंध में जब नगरी थाना प्रभारी से चर्चा की गई, तो उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि रोज रात गश्त वाहन पूरे नगर क्षेत्र में भ्रमण करता है।
अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता दिखाते हैं। नगरवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही ठोस कार्रवाई होगी, ताकि साईं मंदिर की पवित्रता और नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर लोगों का भरोसा दोबारा कायम हो सके।

