नगर पंचायत नगरी में जनगणना 2027 के प्रथम चरण का प्रशिक्षण संपन्न, प्रगणकों-सुपरवाइजरों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
उत्तम साहू
नगरी। 24 अप्रैल 2026 नगर पंचायत नगरी क्षेत्र अंतर्गत जनगणना 2027 के प्रथम चरण के कार्यों को सफलतापूर्वक संपादित करने हेतु प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को सुचारू, सटीक और समयबद्ध ढंग से पूरा करने के लिए मैदानी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान करना था।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना अधिकारी यशवंत वर्मा के मार्गदर्शन में विस्तार से जनगणना के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। वहीं जनगणना सहायक दुर्गेश साहू तथा जनगणना कार्यालय स्टाफ दीपिका साहू और योगेश साहू ने भी प्रशिक्षण को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशिक्षकों के रूप में डी.के. साहू और पीतेश साहू ने उपस्थित प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को जनगणना के प्रथम चरण में किए जाने वाले कार्यों—जैसे भवन सूचीकरण, परिवारों की पहचान, डेटा संग्रहण की विधि और आवश्यक सावधानियों—के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की आधारशिला होती है, इसलिए इसमें पूर्ण शुद्धता और जिम्मेदारी अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगणक एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से नंदलाल कश्यप, अजय कुमार, राजकुमार कुंभकार, वासुदेव साहू, लोचन कुमार साहू, पूनमचंद साहू, दीपनारायण दुबे, वंदना सोनी, खेमराज साहू, प्रीति कुमारी, टिकेश्वर साहू, लोकेश कुमार, किरण छत्तर, चमनलाल साहू, पद्मनी साहू, केशव कुमारी, मेनका कश्यप, गायत्री बोदले, चित्ररेखा मोहबे, हेमलता निर्मलकर, जितेन्द्र कुमार सोनी, हुलास सिंह सूर्याकर, माधवी नाग, कैलाश सोन, मानसिंग साहू, निरूपमा साहू सहित अन्य शामिल रहे।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अपने सवाल भी रखे, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किया गया। अंत में अधिकारियों ने सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से अपेक्षा जताई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करेंगे, ताकि जनगणना 2027 का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूर्ण हो सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नगर पंचायत नगरी क्षेत्र में जनगणना कार्यों को मजबूत आधार प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

