खाद-बीज लाइसेंस के नाम पर अवैध वसूली! कृषि विभाग घिरा सवालों के घेरे में

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खाद-बीज लाइसेंस के नाम पर अवैध वसूली! कृषि विभाग घिरा सवालों के घेरे में


उत्तम साहू 

धमतरी/नगरी। धमतरी जिले के नगरी विकासखंड में कृषि विभाग पर गंभीर आरोप लगे हैं। खाद-बीज बिक्री के लिए लाइसेंस जारी करने के नाम पर कथित तौर पर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। इस खुलासे के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं और स्थानीय स्तर पर नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों के विक्रय लाइसेंस की निर्धारित सरकारी शुल्क राशि महज 12.50 रुपये बताई जा रही है, जबकि संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदकों से 14 से 15 हजार रुपये तक की वसूली किए जाने का आरोप है। यह अंतर खुद ही पूरे मामले में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

बताया जा रहा है कि लाइसेंस के लिए आवेदन करने वाले किसानों और व्यापारियों को प्रक्रिया में उलझाकर उनसे मोटी रकम की मांग की जा रही है। कई आवेदकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिना “सेटिंग” के फाइल आगे नहीं बढ़ती, जिससे मजबूरी में उन्हें पैसे देने पड़ते हैं।

इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि किसानों से जुड़े महत्वपूर्ण विभाग में इस तरह की अनियमितताएं बेहद चिंताजनक हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

वहीं ग्रामीणों और आवेदकों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल, इस कथित अवैध वसूली ने कृषि विभाग की साख पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

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