सिविल अस्पताल नगरी में सिकल सेल एवं टाइप-1 डायबिटीज स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन
124 बच्चों की जांच, 28 नए मामले आए सामने
शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों में सिकल सेल रोग एवं टाइप-1 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर उन्हें समय पर उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराना था। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा पूरे दिन व्यवस्थित रूप से जांच और परामर्श सेवाएं प्रदान की गईं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार शिविर में कुल 124 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 28 बच्चे सिकल सेल जांच में पॉजिटिव पाए गए। विशेष बात यह रही कि ये सभी नए मामले हैं, जिनकी पहचान पहली बार हुई है। जांच परिणामों के आधार पर 13 बच्चे एसएस (SS) तथा 15 बच्चे एएस (AS) श्रेणी में पाए गए।
पॉजिटिव पाए गए सभी बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श दिया गया तथा उनकी स्थिति के अनुरूप उपचार एवं आगे की चिकित्सा प्रक्रिया के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को भी सिकल सेल रोग और टाइप-1 डायबिटीज के लक्षण, सावधानियां तथा नियमित जांच की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान यूनिसेफ के प्रतिनिधि डॉ. प्रीतम रॉय विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने स्वास्थ्य जांच प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए बच्चों और अभिभावकों से संवाद किया तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सिकल सेल और टाइप-1 डायबिटीज जैसी बीमारियों की समय पर पहचान बच्चों के स्वस्थ भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिविर का सफल संचालन खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. डी.एन. सोम एवं खंड कार्यक्रम प्रबंधक हितेंद्र कुमार साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शिविर के लिए आवश्यक संसाधनों और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर चिरायु टीम के सदस्यों, नगर पंचायत नगरी की मितानिनों तथा वार्ड पार्षद श्रीमती चैलेश्वरी साहू का योगदान भी सराहनीय रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य कर्मियों के सामूहिक प्रयास से आयोजित यह शिविर बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
स्वास्थ्य विभाग ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों को जारी रखने की बात कही है, ताकि क्षेत्र के बच्चों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें और गंभीर बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित हो सके।

