मानसून की दस्तक में देरी, लेकिन राहत की बारिश अब दूर नहीं!

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मानसून की दस्तक में देरी, लेकिन राहत की बारिश अब दूर नहीं!

केरल में 4-5 जून तक पहुंच सकता है मानसून, छत्तीसगढ़ में 15 जून के आसपास एंट्री के संकेत




देशभर में भीषण गर्मी और लू से बेहाल लोगों का इंतजार थोड़ा और बढ़ गया है। आमतौर पर 1 जून तक केरल पहुंचने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार तय समय पर दस्तक नहीं दे पाया है। हालांकि भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरी खबर देते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों में परिस्थितियां तेजी से अनुकूल बन रही हैं और 4 से 5 जून के बीच मानसून केरल तट पर पहुंच सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून फिलहाल दक्षिण अरब सागर, लक्षद्वीप, अंडमान सागर और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों तक सक्रिय है। केरल और तमिलनाडु में प्री-मानसून बारिश हो रही है, लेकिन इसे अभी मानसून की आधिकारिक शुरुआत नहीं माना गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार हिंद महासागर से आने वाली नमी वाली हवाएं अपेक्षाकृत कमजोर रहीं, जिससे मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई। साथ ही बंगाल की खाड़ी में कोई मजबूत मौसमी तंत्र विकसित नहीं हो पाया, जो आमतौर पर मानसून को आगे बढ़ाने में मदद करता है। अब दोनों समुद्री क्षेत्रों में नमी बढ़ने लगी है, जिससे अगले 48 से 72 घंटों में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

छत्तीसगढ़ को कब मिलेगी राहत?

आईएमडी के अनुमान के अनुसार छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा में मानसून लगभग 15 जून के आसपास पहुंच सकता है। हालांकि इससे पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने लगेंगी। अगले सप्ताह से प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, गरज-चमक और हल्की बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम

राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 5 से 8 जून के बीच आंधी, बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इन क्षेत्रों में तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे लू का असर काफी कम हो जाएगा।

किसानों की निगाहें आसमान पर

मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि केरल में मानसून की एंट्री के बाद इसकी गति सामान्य रह सकती है। यदि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनता है, तो मानसून तेजी से आगे बढ़ सकता है। फिलहाल देश के अधिकांश हिस्सों में प्री-मानसून बारिश ही राहत का सहारा बनी हुई है।

देशभर के किसानों, आम लोगों और मौसम प्रेमियों की निगाहें अब मानसून की पहली आधिकारिक दस्तक पर टिकी हैं, जिसका इंतजार अगले कुछ दिनों में खत्म होने की उम्मीद है।

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