फसलों की सुरक्षा के लिए ग्राम छिपली में रेका-छोका व्यवस्था लागू, दो राउत नियुक्त
उत्तम साहू,नगरी। किसानों की फसलों की सुरक्षा एवं संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए ग्राम छिपली में ग्राम व्यवस्था समिति की आवश्यक बैठक अविनाशी बाल मंडली भवन में आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण परंपरा के अनुरूप रेका-छोका व्यवस्था के तहत राउत नियुक्त करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से दीनू राम यादव एवं श्रवण कुमार यादव को बीड़ी-चोंगा और श्रीफल भेंट कर राउत की जिम्मेदारी सौंपी गई। ग्रामीणों ने विश्वास जताया कि दोनों राउत किसानों की फसलों को मवेशियों से होने वाले नुकसान से बचाने तथा ग्राम की पारंपरिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
इस अवसर पर ग्राम के वरिष्ठ नागरिक एवं जनपद पंचायत उपाध्यक्ष हृदय साहू ने ग्रामीणों और किसानों से गौवंश की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित रूप से घरों में रखें तथा उन्हें सड़कों पर खुला न छोड़ें, जिससे गौ संरक्षण के साथ-साथ आवागमन की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में किसानों के हितों की रक्षा, फसलों को नुकसान से बचाने तथा ग्राम की पारंपरिक व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के संबंध में विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। ग्रामीणों ने सामूहिक सहयोग एवं सहभागिता के माध्यम से कृषि संरक्षण की इस परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
इस दौरान सरपंच श्रीमती लिकेश्वरी पोटाई, उपसरपंच घेवरचंद साहू, ग्राम व्यवस्था समिति अध्यक्ष विनोद साहू, अविनाशी बाल मंडली अध्यक्ष डोमार सिंह नवरंग, ग्राम सभा अध्यक्ष त्रिभुवन बिसेन, पूर्व सरपंच संत नेताम, कृषि समिति अध्यक्ष कर्ण कोषरे, अविनाशी उपाध्यक्ष गजेंद्र नाग सहित रूपराय सेन, सुरेश कौर, टिकेश नवरंग, लोकनाथ देव, गोपाल यादव, मन्नूलाल साहू, तिहारु बंजारे, दिलीप सोम, केशु टंडन, कमलेश कोषरे, पन्नालाल साहू, संतु टंडन, पंचगण, ग्रामीण पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने कहा कि रेका-छोका जैसी पारंपरिक व्यवस्थाएं न केवल किसानों की मेहनत से तैयार फसलों की रक्षा करती हैं, बल्कि ग्राम में सामूहिक जिम्मेदारी और सामाजिक एकता को भी मजबूत बनाती हैं।

