श्रमिक पिता की कलम से निकले शब्द और बेटी की मधुर आवाज ने जीता दिल, एसपी ने किया सम्मानित

0

 

श्रमिक पिता की कलम से निकले शब्द और बेटी की मधुर आवाज ने जीता दिल, एसपी ने किया सम्मानित



उत्तम साहू,धमतरी। पुलिस के प्रति सम्मान, विश्वास और सकारात्मक सोच का एक प्रेरणादायी उदाहरण उस समय देखने को मिला जब ग्राम नवागांव कंडेल निवासी श्रमिक गीतकार रविशंकर पटेल अपनी पुत्री कुमारी हर्षलता पटेल के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय धमतरी पहुंचे। यहां हर्षलता ने अपने पिता द्वारा रचित गीत को पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के समक्ष मधुर और भावपूर्ण स्वर में प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।

हर्षलता द्वारा प्रस्तुत गीत में पुलिस की जनसेवा, कर्तव्यनिष्ठा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका तथा आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति समर्पण का सुंदर वर्णन किया गया। गीत की प्रस्तुति इतनी प्रभावशाली रही कि उपस्थित अधिकारी और कर्मचारी भावविभोर हो गए तथा उन्होंने हर्षलता की प्रतिभा की मुक्तकंठ से सराहना की।

बताया गया कि पेशे से श्रमिक रविशंकर पटेल धमतरी पुलिस द्वारा अवैध शराब, गांजा तस्करी, जुआ-सट्टा और चाकूबाजी जैसे अपराधों के विरुद्ध लगातार की जा रही प्रभावी कार्रवाई से प्रभावित हैं। इसी प्रेरणा से उन्होंने पुलिस के जनहितकारी कार्यों और समाज में जागरूकता बढ़ाने वाले गीतों की रचना की। अपनी पुत्री हर्षलता के माध्यम से उन्होंने इन गीतों को पुलिस अधीक्षक को समर्पित किया।

इस रचनात्मक और प्रेरणादायी पहल से प्रभावित होकर पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने रविशंकर पटेल एवं हर्षलता पटेल को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने हर्षलता के उज्ज्वल भविष्य, निरंतर प्रगति और जीवन में सफलता की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कला और साहित्य समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। पुलिस के प्रति सम्मान और विश्वास व्यक्त करने वाली ऐसी प्रस्तुतियां समाज और पुलिस के बीच सकारात्मक संवाद तथा आपसी विश्वास को और अधिक मजबूत बनाती हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी हर्षलता की गायन प्रतिभा की सराहना करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।

यह सम्मान न केवल एक प्रतिभाशाली बेटी की उपलब्धि है, बल्कि यह इस बात का भी उदाहरण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत, प्रतिभा और सकारात्मक सोच के बल पर समाज में प्रेरणा का स्रोत बना जा सकता है।

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !