कांकेर.'ब्लाइंड मर्डर' का खौफनाक खुलासा!
⚡ बेवफाई की 'हाई वोल्टेज' साजिश: पहले पति को छककर पिलाई शराब, फिर करंट देकर तड़पा-तड़पा कर मार डाला! ⚡
कांकेर (छत्तीसगढ़): क्या कोई पत्नी अपने ही सुहाग की जान की इतनी बेरहम दुश्मन बन सकती है? छत्तीसगढ़ के कांकेर से एक ऐसा दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने हर किसी के होश उड़ा दिए हैं। एक साल पहले जिस मौत को लोग एक सामान्य हादसा या खुदकुशी समझ रहे थे, वह असल में चार दीवारों के पीछे बुना गया एक खौफनाक मौत का जाल था!
🛑 'परफेक्ट मर्डर' का वो खूनी प्लान
पुलिस जांच के अनुसार, यह पूरी वारदात अवैध संबंधों और तलाक के विवाद के चलते बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई।
शातिर चाल: मृतक मुकेश विश्वास को बहाने से आरोपी रंजीत सरकार के खेत में बनी एक झोपड़ी में बुलाया गया।
बेहोशी का खेल: वहां उसे साजिशन इतनी शराब पिलाई गई कि वह अपने होश खो बैठा।
तड़पाकर दी मौत: जैसे ही मुकेश अचेत हुआ, आरोपियों ने ट्यूबवेल के बिजली के तार से उसे हाई-वोल्टेज करंट लगा दिया।
हादसे का रूप: हत्या के बाद लाश को इस तरह ठिकाने लगाया गया ताकि पुलिस गुमराह हो जाए और इसे महज एक सामान्य दुर्घटना समझे।
🕵️♂️ 'ब्लाइंड मर्डर' से कैसे उठा पर्दा?
24 मई 2025 को जब बांदे इलाके में मुकेश की लाश मिली, तो उसके हाथों और उंगलियों पर जलने के निशान थे। कोई चश्मदीद गवाह न होने के कारण केस पूरी तरह उलझ चुका था। लेकिन पुलिस अधीक्षक **निखिल अशोक कुमार राखेचा** की स्पेशल टीम और साइबर सेल ने हार नहीं मानी।
साइंटिफिक इन्वेस्टिगेशन की जीत: लगातार तकनीकी निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और आरोपियों के मोबाइल डेटा खंगालने के बाद कड़ियों से कड़ियां जुड़ती गईं। जब पुलिस ने 'क्राइम सीन रिकंस्ट्रक्शन' कराया, तो कातिलों का झूठ ताश के पत्तों की तरह ढह गया।
👥 ये हैं सलाखों के पीछे पहुंचे वो 'चार कातिल'
पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में शामिल पत्नी समेत चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है:
1. सरस्वती विश्वास – (मृतक की बेवफा पत्नी, निवासी शांतिपारा बांदे)
2. इन्द्रजीत दास – (पत्नी का प्रेमी, निवासी चिकलकसा, जिला बालोद)
3. सुरेन्द्र बछाड़ – (हत्या में मददगार सहयोगी, निवासी कांकेर)
4. रंजीत सरकार – (सहयोगी, जिसके खेत की झोपड़ी में वारदात हुई)
🎖️ कांकेर पुलिस का महा-खुलासा: एक तीर से चार शिकार!
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर) दिनेश कुमार सिन्हा, थाना प्रभारी बांदे निरीक्षक रामचंद्र साहू और साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक यशवंत श्याम की टीम की मुस्तैदी से न सिर्फ इस केस की गुत्थी सुलझी, बल्कि पुलिस के इस विशेष अभियान के तहत नरहरपुर, ताड़ोकी और दुर्गुकोंदल क्षेत्र के तीन और पुराने लंबित अंधे कतलों का भी पर्दाफाश हो गया है!
🚨 कानून के लंबे हाथों ने आखिरकार साबित कर दिया... गुनाह कितना भी शातिर क्यों न हो, कातिल बच नहीं सकता!

