सुशासन तिहार ने बदली दिव्यांग छात्रा की जिंदगी, कमला को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

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सुशासन तिहार ने बदली दिव्यांग छात्रा की जिंदगी, कमला को मिली मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल



कोरबा। बचपन से दोनों पैरों से दिव्यांग होने के बावजूद शिक्षा के प्रति अटूट लगन रखने वाली कमला कुमारी केंवट के उच्च शिक्षा के सपनों को अब नई उड़ान मिल गई है। सुशासन तिहार के तहत दिए गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रशासन ने उन्हें मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की है, जिससे उनके लिए कॉलेज तक का सफर काफी आसान हो जाएगा।

कटघोरा विकासखंड के ग्राम सलोरा (क) निवासी कमला वर्तमान में एम.ए. की पढ़ाई कर रही हैं। शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने कभी अपनी शिक्षा को बाधित नहीं होने दिया, लेकिन कॉलेज आने-जाने में उन्हें रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। समाज कल्याण विभाग द्वारा पूर्व में दी गई ट्राइसाइकिल पुरानी और जर्जर हो चुकी थी, जिससे आवागमन और भी मुश्किल हो गया था।

सुशासन तिहार के अंतर्गत ग्राम धनरास में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में कमला ने मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल की मांग करते हुए आवेदन प्रस्तुत किया। शिविर में मौजूद उद्योग, वाणिज्य एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने उनकी समस्या सुनते ही समाज कल्याण विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने आवेदन की जांच कर पात्रता सुनिश्चित की और कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कमला को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल प्रदान की। इस दौरान कलेक्टर ने कमला से आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई की जानकारी ली और उनकी संघर्षशीलता की सराहना की।

कलेक्टर ने प्रोत्साहित करते हुए कहा, "बिटिया, अच्छे से पढ़ना और आगे बढ़ना। आपकी मेहनत और आत्मविश्वास अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा है।" उन्होंने कहा कि शारीरिक चुनौतियां किसी भी व्यक्ति की सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि उसके भीतर आगे बढ़ने का दृढ़ संकल्प हो।

कमला की माता संतकुंवर ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और उनके पति मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल खरीदना संभव नहीं था। शासन की इस सहायता से उनकी बेटी की शिक्षा का मार्ग सरल हो गया है और अब उसे कॉलेज आने-जाने में परेशानी नहीं होगी।

मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने पर कमला ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वह नियमित रूप से कॉलेज जा सकेगी और अपने अन्य जरूरी कार्य भी आसानी से कर पाएगी। यह सुविधा उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहयोग देगी।

समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न इस पहल ने यह साबित किया है कि सुशासन तिहार केवल समस्याओं के समाधान का माध्यम नहीं, बल्कि जरूरतमंद लोगों के सपनों को नई गति देने का सशक्त मंच भी बन रहा है। कमला की कहानी संघर्ष, आत्मविश्वास और प्रशासन की संवेदनशीलता का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।

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