स्वस्थ तन, स्वस्थ मन और श्रेष्ठ विचारों की साधना है योग: इंदु पटेल
नगरी में 'हमर ठिहा' केंद्र पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
उत्तम साहू,नगरी। संस्कृति, संस्कार एवं स्वाभिमान के केंद्र हमर ठिहा कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित दीदी ने उपस्थित जनसमूह को मेडिटेशन (ध्यान) का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ध्यान के माध्यम से मन की शांति प्राप्त की जा सकती है और आत्मा का परमात्मा से मिलन संभव है। इसके साथ ही, योग आचार्य ने योग से होने वाले विभिन्न शारीरिक व मानसिक लाभों की जानकारी दी और योगासन करने की सही विधि व आवश्यक नियमों से अवगत कराया। ठिहा नगरी में "स्वस्थ आयु के लिए योग" की विशेष थीम पर 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बेहद हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में संस्था के सदस्यों, शिक्षकों, बच्चों और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मन की शांति और योग के नियमों पर चर्चा
कार्यक्रम के दौरान आमंत्रित दीदी ने उपस्थित जनसमूह को मेडिटेशन (ध्यान) का महत्व समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार ध्यान के माध्यम से मन की शांति प्राप्त की जा सकती है और आत्मा का परमात्मा से मिलन संभव है। इसके साथ ही, योग आचार्य ने योग से होने वाले विभिन्न शारीरिक व मानसिक लाभों की जानकारी दी और योगासन करने की सही विधि व आवश्यक नियमों से अवगत कराया।
शरीर की आंतरिक शुद्धि के लिए योग एकमात्र उपाय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्था की प्रबंधक श्रीमती इंदु पटेल ने एकेडमी के बच्चों तथा 'हमर बिहार' के वृद्ध बुद्धिजीवियों को प्रेरित किया। उन्होंने दैनिक जीवन में योग की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा:
"जिस तरह हमारे शरीर की बाहरी स्वच्छता के लिए रोजाना नहाना जरूरी है, ठीक उसी तरह शरीर के आंतरिक हिस्से—मन एवं विचारों के शुद्धिकरण का एकमात्र उपाय योग और मेडिटेशन ही है।"
श्रीमती पटेल ने आगे कहा कि आज की इस भाग-दौड़ भरी जिंदगी और बदलते परिवेश में अपने मन, विचारों और ऊर्जा पर काबू पाना सबसे बड़ी उपलब्धि है, जो केवल योग से ही संभव है। योग और मेडिटेशन के जरिए हम अपनी ऊर्जा को सही, सृजनात्मक और विकासात्मक कार्यों में लगा सकते हैं।
कार्यक्रम में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस सफल आयोजन में संस्था के सभी सम्मानित सदस्य, कंपटीशन एकेडमी नगरी के सभी स्टाफ मेंबर्स एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। साथ ही, 'हमर बिहार' में पंजीकृत सभी वृद्ध बुद्धिजीवियों ने भी कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई।

