एक पल में उजड़ गया खुशियों का आशियाना: पत्नी को बचाने दौड़ा पति, दोनों ने साथ छोड़ दी दुनिया

0


एक पल में उजड़ गया खुशियों का आशियाना: पत्नी को बचाने दौड़ा पति, दोनों ने साथ छोड़ दी दुनिया



बिलासपुर। कभी-कभी जिंदगी ऐसा दर्द दे जाती है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होती। बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम कर्रा में एक ऐसा ही हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को गमगीन कर दिया। एक-दूसरे का सहारा बने पति-पत्नी ने एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी।

गांव में उस वक्त मातम छा गया, जब घर के आंगन में कपड़े सुखाने गई महिला करंट की चपेट में आ गई। पत्नी की चीख सुनकर पति बिना एक पल गंवाए उसे बचाने दौड़ा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पत्नी को बचाने की कोशिश में वह खुद भी बिजली के घातक करंट की गिरफ्त में आ गया। देखते ही देखते दोनों जमीन पर गिर पड़े और हमेशा के लिए एक-दूसरे का साथ निभाते हुए इस दुनिया को अलविदा कह गए।

मृतकों की पहचान सचिन चन्द्राकर और उनकी पत्नी रजनी चन्द्राकर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रजनी घर के काम निपटाने के बाद आंगन में लगे लोहे के जीआई तार पर कपड़े सुखाने गई थीं। जैसे ही उन्होंने तार को छुआ, उसमें दौड़ रहे करंट ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।

पत्नी की दर्दभरी चीख सुनकर सचिन दौड़ते हुए पहुंचे और उसे बचाने के लिए पकड़ लिया। लेकिन यह प्रयास उनकी जिंदगी की आखिरी कोशिश साबित हुआ। दोनों हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल दोनों को अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से यह खबर निकलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोगों की आंखें नम हो गईं और हर कोई इस दर्दनाक हादसे की चर्चा करता नजर आया।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक दिन पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण बिजली का सर्विस वायर टूटकर नीचे गिर गया था। यही तार कपड़े सुखाने वाले जीआई तार के संपर्क में आ गया, जिससे उसमें करंट प्रवाहित होने लगा और यह हादसा हो गया।

फिलहाल मस्तूरी पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं गांव में हर किसी के जुबान पर एक ही बात है—"पत्नी को बचाने निकला पति भी उसके साथ चला गया, और एक खुशहाल परिवार पलभर में उजड़ गया।"

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !