सिंगपुर..ताले में कैद स्वास्थ्य व्यवस्था: बुजुर्ग मरीज घंटों करता रहा इंतजार, आयुर्वेदिक अस्पताल में नहीं मिली डॉक्टर

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 सिंगपुर..ताले में कैद स्वास्थ्य व्यवस्था: बुजुर्ग मरीज घंटों करता रहा इंतजार, आयुर्वेदिक अस्पताल में नहीं मिली डॉक्टर

 


उत्तम साहू,मगरलोड। शासन ग्रामीण अंचलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। मगरलोड ब्लॉक के वनांचल क्षेत्र सिंगपुर स्थित शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता का शिकार नजर आ रही है। यहां अस्पताल का भवन तो है, लेकिन मरीजों के लिए अक्सर उसके दरवाजे बंद रहते हैं।


ताजा मामला तब सामने आया जब ग्राम अंजोरा निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग सदा सिंह दवाई लेने अस्पताल पहुंचे। लेकिन अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला। भीषण गर्मी के बीच बुजुर्ग मरीज घंटों अस्पताल खुलने की उम्मीद में बैठे रहे, लेकिन न तो अस्पताल खुला और न ही कोई जिम्मेदार कर्मचारी वहां पहुंचा।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अस्पताल में पदस्थ महिला चिकित्सक की नियुक्ति तो वर्षों से है, लेकिन उनकी उपस्थिति शायद ही कभी अस्पताल में देखने को मिलती है। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल खुला रहेगा या बंद, इसकी कोई निश्चितता नहीं है। मरीजों को अक्सर बिना इलाज और बिना दवाई के वापस लौटना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकारी अस्पतालों के दरवाजे ही मरीजों के लिए बंद रहेंगे तो आखिर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ किसे मिलेगा? करोड़ों रुपये खर्च कर भवन, स्टाफ और योजनाएं तो बनाई जा रही हैं, लेकिन निगरानी और जवाबदेही के अभाव में पूरी व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है।


सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल नियमित रूप से बंद रहता है और चिकित्सक अनुपस्थित रहते हैं, तो संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारी अब तक कार्रवाई क्यों नहीं कर पाए? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इस स्थिति की जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानकर भी आंखें मूंद ली गई हैं?


वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाएं उनका अधिकार हैं, कोई एहसान नहीं। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी, तो क्षेत्रवासियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

स मामले पर ग्राम के सरपंच लोमेश्वर साहू ने कहा, सिंगपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार एवं डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है, ताकि क्षेत्र के मरीजों को समय पर उपचार मिल सके। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग से निवेदन है कि शासकीय आयुर्वेदिक अस्पताल सिंगपुर की व्यवस्था पर तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करें।

 

सवाल बरकरार है—जब अस्पताल में ताला लटका हो, डॉक्टर नदारद हों और मरीज भटक रहे हों, तब सुशासन और स्वास्थ्य सेवा के दावे आखिर किसके लिए किए जा रहे हैं?

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