एम्बुलेंस चालक से मारपीट और तोड़फोड़ करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
मानवता की सेवा में लगी एम्बुलेंस पर हमला, चालक से दुर्व्यवहार और वाहन में की गई तोड़फोड़
उत्तम साहू,धमतरी। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में लगे एम्बुलेंस चालक के साथ मारपीट और वाहन में तोड़फोड़ करने वाले तीन आरोपियों को कुरूद पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों ने एम्बुलेंस चालक के साथ अभद्रता करते हुए वाहन को क्षतिग्रस्त कर करीब एक लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया था।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 8 जून 2026 की रात ग्राम उमरदा गौठान के पास हुए सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मृत्यु की सूचना मिलने पर वंदे मातरम परिवार समिति की एम्बुलेंस क्रमांक CG-05-15001 के चालक राधेश्याम निर्मलकर मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान वहां मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने एम्बुलेंस के विलंब से पहुंचने की बात को लेकर चालक से विवाद शुरू कर दिया।
आरोपियों ने चालक के साथ अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इतना ही नहीं, उन्होंने एम्बुलेंस में भी जमकर तोड़फोड़ की। आरोपियों ने वाहन के सामने का कांच, बोनट, एंटीगेटर सहित अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचाया, जिससे लगभग एक लाख रुपये की क्षति हुई।
पीड़ित चालक की रिपोर्ट पर थाना कुरूद में अपराध क्रमांक 177/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा चिकित्सा सेवक एवं चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा तथा संपत्ति की क्षति या हानि की रोकथाम) अधिनियम 2010 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
वीडियो फुटेज और शिनाख्ती से हुई आरोपियों की पहचान
विवेचना के दौरान पुलिस ने प्रार्थी एवं गवाहों के बयान दर्ज किए, घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा वीडियो फुटेज और कार्यपालिक मजिस्ट्रेट के समक्ष कराई गई शिनाख्ती कार्यवाही के आधार पर आरोपियों की पहचान की।
जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने ग्राम उमरदा निवासी रमन दीवान (30 वर्ष), तामेश्वर पटेल (33 वर्ष) एवं फनेन्द्र उर्फ विक्की चंद्राकर (25 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा न डालने की अपील
धमतरी पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि एम्बुलेंस, स्वास्थ्यकर्मियों एवं चिकित्सा सेवाओं के कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा न उत्पन्न करें। आपातकालीन सेवाओं में व्यवधान उत्पन्न करना गंभीर अपराध है, जिसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

