कन्या महाविद्यालय की 120 छात्राओं को दी वित्तीय साक्षरता की जानकारी
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बचत, सुरक्षित निवेश और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए किया प्रेरित
उत्तम साहू,धमतरी, 17 अक्टूबर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत युवा कौशल उन्नयन एवं मूल्य संवर्धन (YUVA) कार्यक्रम के तहत शासकीय नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय में वित्तीय साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कैरियर गाइडेंस एवं रोजगार समिति तथा वाणिज्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में 120 छात्राओं को बचत, बजट, बैंकिंग, निवेश, बीमा, आयकर और सुरक्षित डिजिटल लेन-देन की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने छात्राओं को आर्थिक अनुशासन और नियमित बचत का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि बचपन में गुल्लक से शुरू होने वाली बचत की आदत आगे चलकर सुरक्षित भविष्य की नींव बनती है। छात्राओं को आय-व्यय का हिसाब रखने, वित्तीय लक्ष्य निर्धारित करने और आपातकालीन निधि तैयार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी निवेश से पहले उसके लाभ और जोखिम को समझना चाहिए। वहीं, ऋण लेने से पहले अपनी पुनर्भुगतान क्षमता का आकलन करना भी जरूरी है।
प्राचार्य डॉ. अनीता राजपुरिया के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन किशोर बरड़िया, इनकम टैक्स बार एसोसिएशन धमतरी के अध्यक्ष आयुष महेश्वरी तथा सदस्य सुधीर ठाकुर ने वित्तीय प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।
मुख्य वक्ता किशोर बरड़िया ने छात्राओं को बजट निर्माण, बचत बैंक खाते, ब्याज, नामांकन और विभिन्न वित्तीय योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने सावधि जमा (FD), आवर्ती जमा (RD), म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार जैसे निवेश विकल्पों की जानकारी देते हुए उनसे जुड़े जोखिमों को भी समझाया। साथ ही जीवन, स्वास्थ्य एवं सामान्य बीमा, पैन कार्ड, टीडीएस और आयकर संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के बताए तरीके
कार्यक्रम में डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, एटीएम और डेबिट कार्ड के सुरक्षित उपयोग के तरीके बताए गए। वक्ताओं ने फिशिंग, फर्जी लिंक और संदिग्ध कॉल से सावधान रहने की सलाह देते हुए कहा कि ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी और अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए।
प्राचार्य डॉ. अनीता राजपुरिया ने कहा कि वित्तीय साक्षरता छात्राओं को सोच-समझकर आर्थिक निर्णय लेने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगी। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने नियमित बचत करने, सुरक्षित निवेश अपनाने और डिजिटल लेन-देन में सतर्कता बरतने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक दानेश्वर साहू ने किया।

