नगरी में 5 लाख की नाली निर्माण पर बवाल, वार्ड पार्षद अलका साव ने खोली गुणवत्ता की पोल!
बांधापारा में निर्माण कार्य पर लीपापोती का आरोप, पार्षद और वार्डवासियों ने नगर पंचायत अध्यक्ष-उपाध्यक्ष को बुलाकर कराया निरीक्षण; करोड़ों के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
नगरी। नगर पंचायत नगरी में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर विवाद गहराने लगा है। शासन से विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये की राशि स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी किए जाने के आरोप सामने आ रहे हैं। ताजा मामला शहीद धर्मेन्द्र साव वार्ड क्रमांक 09 बांधापारा का है, जहां पांच लाख रुपये की लागत से बन रही नाली के निर्माण में लापरवाही और लीपापोती का आरोप लगाते हुए वार्ड पार्षद अलका साव सहित वार्डवासियों ने नाराजगी जताई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए वार्ड पार्षद और नागरिकों ने नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा एवं उपाध्यक्ष विकास बोहरा को मौके पर आमंत्रित कर निर्माण कार्य का निरीक्षण कराया और अपनी आपत्ति दर्ज कराई।
करोड़ों का बजट, फिर निर्माण में गुणवत्ता क्यों नदारद?
वार्डवासियों का आरोप है कि नगर पंचायत क्षेत्र में सड़कों, नालियों और अन्य विकास कार्यों के लिए पर्याप्त राशि स्वीकृत हो रही है, लेकिन धरातल पर निर्माण की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं दिखाई दे रही है। नागरिकों ने सड़कों के जल्द उखड़ने और निर्माण कार्यों में निर्धारित मात्रा एवं गुणवत्तायुक्त सामग्री के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए हैं।
लोगों का कहना है कि विकास कार्यों की स्वीकृति मिलने पर श्रेय लेने के लिए होड़ मच जाती है, लेकिन जब निर्माण की गुणवत्ता की बात आती है तो जिम्मेदारी तय करने की जरूरत महसूस होने लगती है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी कौन कर रहा है और कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही किसकी होगी?
गलत काम का विरोध करना राजनीति नहीं, जनसेवा है : अलका साव
वार्ड पार्षद अलका साव ने स्पष्ट कहा कि उन्हें भाजपा और वार्डवासियों ने जनसेवा के लिए चुना है। वे पार्टी की रीति-नीति के अनुरूप अपने वार्ड और नगर के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके लिए वार्ड और नगर तीर्थस्थल के समान हैं तथा जनहित सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि “मैं सही का समर्थन करूंगी और गलत का विरोध करूंगी। राजनीति मेरे लिए कोई प्रोफेशन नहीं, बल्कि जनसेवा का अवसर है।”
पार्षद का कहना है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी पर आपत्ति दर्ज कराना उनका दायित्व है। यदि जनता के पैसे से होने वाले कार्यों में लापरवाही होती है तो उस पर सवाल उठाना जरूरी है। उन्होंने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं, जांच और जवाबदेही जरूरी
वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी से जनता की उम्मीदों को चोट पहुंच रही है। उनका कहना है कि विकास के नाम पर खर्च होने वाली राशि का वास्तविक लाभ नागरिकों को मिलना चाहिए। यदि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हो रहे हैं तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
नागरिकों ने नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की निगरानी करें और जनता की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई सुनिश्चित करें। हालांकि, निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की आधिकारिक जांच और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बांधापारा में नाली निर्माण के दौरान ईश्वर साहू, अध्यक्ष नगर साहू समाज नगरी, गणेश साहू, मुलेश निषाद, अनिता साहू, खिलेश्वरी, कृष्ण कुमार विश्वकर्मा, निर्मल साहू सहित अन्य वार्डवासी उपस्थित रहे।
अब बड़ा सवाल यह है कि नगर पंचायत नगरी में विकास कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं और वार्डवासियों की शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है?


