शराब के नशे में ड्यूटी, दो पुलिसकर्मी को एसएसपी ने किया सस्पेंड
मुलजिम पेशी ड्यूटी पर सरगुजा गए थे एएसआई और आरक्षक, अंबिकापुर के नया बस स्टैंड में कथित लापरवाही का वीडियो वायरल होने से पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
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| प्रतीकात्मक फोटो |
दुर्ग/अंबिकापुर। जिन पुलिसकर्मियों के कंधों पर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी होती है, उन्हीं के ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। मुलजिम पेशी ड्यूटी पर सरगुजा भेजे गए सहायक उप निरीक्षक और एक आरक्षक अंबिकापुर के नया बस स्टैंड में कथित तौर पर शराब के नशे में जमीन पर सोते मिले। हैरानी की बात यह रही कि दोनों के सरकारी हथियार भी असुरक्षित हालत में पड़े थे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
संवेदनशील ड्यूटी के दौरान बरती गंभीर लापरवाही
जानकारी के अनुसार, रक्षित केंद्र दुर्ग में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी की मुलजिम पेशी ड्यूटी लगाई गई थी। दोनों को 17 अक्टूबर 2026 को सरगुजा भेजा गया था। इस दौरान उन्हें निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभानी थी।
लेकिन 18 अक्टूबर को शाम करीब 5 बजकर 40 मिनट पर अंबिकापुर के नया बस स्टैंड में दोनों पुलिसकर्मियों के कथित तौर पर शराब के नशे में होने और जमीन पर सोते मिलने का मामला सामने आया। बताया गया कि दोनों अपनी ड्यूटी के दौरान सरकारी हथियारों को भी सुरक्षित रखने में लापरवाही बरत रहे थे।
लावारिस हालत में सरकारी राइफल, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
पुलिसकर्मियों की इस कथित लापरवाही ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुलजिम पेशी जैसी संवेदनशील ड्यूटी में सरकारी हथियारों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है। ऐसे में हथियारों को असुरक्षित छोड़कर सोने की घटना को विभागीय अनुशासन के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
वर्दी की जिम्मेदारी से समझौता पड़ा भारी
पुलिस विभाग में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोपरि माना जाता है। खासकर आरोपियों को न्यायालय में पेश करने जैसी जिम्मेदारी के दौरान पुलिसकर्मियों से सतर्कता और सुरक्षा नियमों के सख्त पालन की अपेक्षा की जाती है। ऐसे में ड्यूटी के दौरान कथित नशाखोरी और सरकारी हथियारों को असुरक्षित छोड़ने का मामला विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया है।
दोनों पुलिसकर्मियों के निलंबन की कार्रवाई को ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

