विद्यार्थियों को दस्तावेजों के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
लोक सेवा गारंटी के दायरे में आई माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाएं, 60 दिनों में होगा निराकरण
धमतरी, 5 अक्टूबर 2026। विद्यार्थियों और अभिभावकों को शैक्षणिक दस्तावेजों से जुड़े कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की पहल पर माध्यमिक शिक्षा मंडल से संबंधित महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाया गया है। अब विद्यार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय समय-सीमा में जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
नई व्यवस्था के तहत डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, डुप्लीकेट अंकसूची, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन तथा उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी जैसी सेवाओं के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इन सभी सेवाओं के लिए अधिकतम 60 दिवस की समय-सीमा रखी गई है। इससे विद्यार्थियों को प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त करने में सुविधा होगी।
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ही दस्तावेज प्राप्त करने के लिए परेशान होना पड़े, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है। परीक्षा परिणाम के बाद विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक दिन महत्वपूर्ण होता है। इसलिए जरूरी है कि दस्तावेज और परीक्षा संबंधी सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हों।
उन्होंने अधिकारियों को विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने तथा निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि विद्यार्थी सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने में समय और ऊर्जा खर्च करने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दें।
लोक सेवा गारंटी के दायरे में सेवाएं आने से संबंधित कार्यों में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। विशेष रूप से उन विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा, जिन्हें उच्च शिक्षा में प्रवेश या अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए डुप्लीकेट अंकसूची, माइग्रेशन प्रमाण-पत्र अथवा उत्तरपुस्तिका से जुड़ी सेवाओं की आवश्यकता होती है।


