कांग्रेस के ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान को छत्तीसगढ़ में गति देने की तैयारी, जिलेवार पर्यवेक्षक नियुक्त
दूसरे चरण के लिए 20 अक्टूबर तक और तीसरे चरण के लिए 25 अक्टूबर से 25 नवंबर तक चलेगा अभियान
रायपुर, 18 अक्टूबर 2026। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) द्वारा देशभर में संचालित ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान के छत्तीसगढ़ में प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जिलेवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशानुसार अभियान के दूसरे और तीसरे चरण के सफल आयोजन तथा बेहतर समन्वय के उद्देश्य से यह नियुक्ति की गई है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा 17 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश क्रमांक 483 के अनुसार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। अभियान के तहत निर्धारित कार्यक्रमों के संचालन और संगठनात्मक गतिविधियों की जिम्मेदारी संबंधित पर्यवेक्षकों को सौंपी गई है।
दो चरणों में संचालित होगा अभियान
कांग्रेस का ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ अभियान चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जा रहा है। इसके दूसरे चरण का संचालन 10 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक, जबकि तीसरा चरण 25 अक्टूबर से 25 नवंबर 2026 तक निर्धारित किया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा और पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों का विवरण आदेश के साथ संलग्न किया है।
वरिष्ठ नेताओं को भेजी गई आदेश की प्रतिलिपि
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति से संबंधित आदेश की प्रतिलिपि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं एवं संगठनात्मक पदाधिकारियों को सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इनमें छत्तीसगढ़ प्रभारी एवं सांसद सुखदेव भगत, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, AICC महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव शामिल हैं।
इसके अलावा AICC सचिव एवं सह-प्रभारी एस.ए. सम्पत कुमार, जरिता लैतफलांग और विजय जांगिड़ सहित प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजी गई है। जिला, शहर, नगर एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों को भी अभियान के आयोजन और समन्वय के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा जिलेवार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के साथ अभियान के आगामी चरणों के आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं। इसके माध्यम से प्रदेशभर में निर्धारित कार्यक्रमों के संचालन और संगठनात्मक गतिविधियों के समन्वय पर जोर दिया जाएगा।

