प्रशासन से सकारात्मक बातचीत के बाद गंगरेल बांध प्रभावितों का जल सत्याग्रह समाप्त
तीसरे दिन बनी सहमति, प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिलकर रखेगा अपनी मांगें
धमतरी, 14 अक्टूबर 2026। गंगरेल बांध के डूब प्रभावित परिवारों द्वारा अपनी मांगों को लेकर किया जा रहा अनिश्चितकालीन जल सत्याग्रह बुधवार को तीसरे दिन प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद समाप्त हो गया। प्रभावितों और प्रशासन के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई चर्चा के बाद आगे संवाद जारी रखने पर सहमति बनी। वहीं, प्रभावित परिवारों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों को उनके समक्ष रखेगा।
गंगरेल बांध प्रभावित परिवार अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में जल सत्याग्रह कर रहे थे। प्रभावितों का कहना है कि उनके मुद्दों पर उचित पहल होनी चाहिए, ताकि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान निकल सके। जल सत्याग्रह के तीसरे दिन प्रशासन की ओर से बातचीत की पहल की गई। बुधवार शाम अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) धमतरी, एसडीओपी तथा तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।
बातचीत सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। इसके बाद प्रभावित परिवारों ने जल सत्याग्रह समाप्त करने पर सहमति जताई। आंदोलन समाप्त होने से प्रशासन और प्रभावितों के बीच संवाद के जरिए आगे की प्रक्रिया बढ़ाने का रास्ता खुला है।
मुख्यमंत्री के समक्ष रखी जाएंगी प्रभावितों की समस्याएं
बातचीत के दौरान तय हुआ कि प्रभावित परिवारों का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत कराएगा। प्रतिनिधिमंडल प्रभावित परिवारों का पक्ष रखते हुए उनके मुद्दों के निराकरण के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध करेगा।
प्रभावितों की मांगों को शासन के उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रस्तावित मुलाकात को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री से होने वाली चर्चा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आगे की कार्रवाई का इंतजार रहेगा।
संवाद से समाधान की उम्मीद
गंगरेल बांध प्रभावितों के जल सत्याग्रह की समाप्ति के बाद अब सभी की निगाहें आगामी बातचीत पर टिकी हैं। तीन दिनों तक चले इस आंदोलन के बाद प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच संवाद की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, प्रभावितों की मांगों पर अंतिम निर्णय और उनके निराकरण की स्थिति आगे होने वाली चर्चा एवं शासन स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी।
फिलहाल, जल सत्याग्रह समाप्त होने के साथ ही संबंधित मुद्दों के समाधान के लिए बातचीत का रास्ता खुला है। प्रभावित परिवारों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बात रखने के बाद उनकी समस्याओं के निराकरण की दिशा में ठोस पहल होगी।

