सिहावा शीतला शक्ति पीठ में किचन शेड का भूमिपूजन
जनपद अध्यक्ष महेश गोटा ने अपनी निधि से 5 लाख रुपये किए स्वीकृत, श्रद्धालुओं को मिलेगी सुविधा
नगरी। सिहावा स्थित प्रसिद्ध शीतला शक्ति पीठ में श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। मंदिर परिसर में किचन शेड निर्माण के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के साथ भूमिपूजन किया गया। जनपद पंचायत अध्यक्ष महेश गोटा ने मुख्य अतिथि के रूप में भूमिपूजन किया। उन्होंने अपनी निधि से किचन शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष महेश गोटा ने कहा कि शीतला शक्ति पीठ क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं आस्था का केंद्र है, जहां वर्षभर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। धार्मिक आयोजनों, भंडारा एवं प्रसाद वितरण के दौरान भोजन तैयार करने के लिए व्यवस्थित स्थान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। किचन शेड बनने से मंदिर परिसर में भोजन एवं प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था अधिक सुविधाजनक और सुव्यवस्थित होगी।
मंदिर समिति अध्यक्ष नरेंद्र नाग ने बताया कि शीतला शक्ति पीठ में शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि, पंचमी महोत्सव, धार्मिक अनुष्ठान, हवन-पूजन, भंडारा एवं प्रसाद वितरण सहित विभिन्न आयोजन होते हैं। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। किचन शेड निर्माण से आयोजनों के दौरान व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।
निर्माण समिति अध्यक्ष सचिन भंसाली ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति द्वारा लगातार आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। किचन शेड निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की स्वीकृति देने पर जनपद अध्यक्ष महेश गोटा का आभार जताया।
सांस्कृतिक प्रभारी तुकाराम साहू ने कहा कि किचन शेड बनने से मंदिर परिसर में एक महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ जाएगी। उन्होंने निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होने की उम्मीद जताई।
कार्यक्रम में समिति के संरक्षक नेम सिंह बिशेन, मंशा गौर, उपाध्यक्ष बलदेव निषाद, रामलाल नेताम, सचिव नारद निषाद, सहसचिव बुधेश्वर साहू, लालेस्वर साहू, सलाहकार गगन नाहटा, भरत निर्मलकर, पुजारी ज्ञान सागर पटेल, परमेश्वर नेताम सहित संजय सारथी, पूरन बिसेन, नवल साहू, जसपाल कुंजाम, महेश साहू एवं अन्य उपस्थित रहे।


