कृत्रिम गर्भाधान और वत्सोत्पादन में धीमी प्रगति पर कलेक्टर सख्त, उपसंचालक को नोटिस

0

 

कृत्रिम गर्भाधान और वत्सोत्पादन में धीमी प्रगति पर कलेक्टर सख्त, उपसंचालक को नोटिस

लक्ष्य के मुकाबले कृत्रिम गर्भाधान में 19.72% और वत्सोत्पादन में 27.80% उपलब्धि, तीन दिन में मांगा जवाब


उत्तम साहू 

धमतरी, 18 अक्टूबर 2026। जिले में कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन कार्यक्रमों में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले धीमी प्रगति और राज्य स्तर पर कमजोर रैंकिंग को लेकर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं डॉ. अवधेश मरकाम को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर बिंदुवार तथ्यात्मक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में 28 अक्टूबर को प्रस्तावित समीक्षा बैठक के लिए तैयार प्रगति रिपोर्ट में जिले की उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से काफी कम पाई गई है। कृत्रिम गर्भाधान के लिए निर्धारित 39,400 के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक केवल 7,773 की उपलब्धि दर्ज की गई है, जो लक्ष्य का 19.72 प्रतिशत है। इसी तरह, वत्सोत्पादन के निर्धारित 8,142 के लक्ष्य के मुकाबले केवल 2,264 की उपलब्धि हासिल हुई है, जो 27.80 प्रतिशत है।

मैदानी अमले की कार्यप्रणाली पर मांगा जवाब

कलेक्टर ने कार्यक्रमों की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए विभागीय कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, मैदानी अमले की सक्रियता और नियमित मॉनिटरिंग के संबंध में जानकारी मांगी है। साथ ही निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति के लिए अब तक किए गए प्रयासों का बिंदुवार विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

इसके अलावा, आगामी अवधि में प्रगति सुधारने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, निर्धारित समय-सीमा, उत्तरदायी अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी और साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था सहित ठोस सुधारात्मक कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया है।

संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई

कृत्रिम गर्भाधान एवं वत्सोत्पादन कार्यक्रम पशुधन की नस्ल सुधारने, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय में वृद्धि करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। नोटिस में उल्लेख किया गया है कि प्रथम दृष्टया यह स्थिति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन की श्रेणी में विचारणीय है।

निर्धारित समय-सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाए जाने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए उच्च कार्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।

Post a Comment

0Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !