कुरूद से धमतरी में नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा

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कुरूद से धमतरी में नवाचार और उद्यमिता को नई दिशा

आईआईएम रायपुर के अवसरों से जुड़ रहे जिले के युवा, 15 से अधिक युवाओं ने नवाचार चुनौती में प्रस्तुत किए विचार


उत्तम साहू 

धमतरी, 5 अक्टूबर 2026। जिले के युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में संत गुरु घासीदास शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कुरूद में ‘सेवा प्रथम नवाचार चुनौती एवं जिला स्तरीय शिक्षा, उद्यमिता एवं स्टार्टअप विकास कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीटीआईसी) के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में करीब 150 विद्यार्थी एवं युवा शामिल हुए, जबकि 100 से अधिक युवाओं और उद्यमियों ने नवाचार एवं उद्यमिता से जुड़ी गतिविधियों में सहभागिता की।

कार्यक्रम में युवाओं को स्थानीय समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए नए विचार विकसित करने और उन्हें संभावित उद्यम में बदलने की प्रक्रिया समझाई गई। 15 से अधिक युवाओं ने अपने नवाचारी विचार प्रस्तुत किए, जिनमें 5 से अधिक प्रतिभागियों ने मंच पर अपने विचारों का विस्तार से प्रस्तुतीकरण किया।


आईआईएम रायपुर के अवसरों से जुड़ेंगे युवा



कार्यक्रम में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर द्वारा 9 मार्च 2026 को कुरूद में आयोजित उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम के सफल प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही युवाओं को आईआईएम रायपुर के आगामी नियमित कार्यक्रमों एवं उद्यमिता संबंधी अवसरों से जोड़ने की दिशा में जानकारी दी गई। इससे जिले के युवाओं को विशेषज्ञ मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त होंगे।


स्थानीय समस्या से तलाशें उद्यम का अवसर



एसडीएम कुरूद श्री पीयूष तिवारी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि धमतरी जिले में शिक्षा, कौशल, स्वरोजगार, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। आसपास की समस्याओं और स्थानीय संसाधनों को नए दृष्टिकोण से देखकर उन्हें रोजगार और उद्यम के अवसर में बदला जा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने और उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।

जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक लोकपाल खांडेकर के मार्गदर्शन में प्रबंधक प्रशांत चंद्राकर तथा सीजीएस नेटवर्क के मुख्य समन्वयक एवं सीईओ उमेश महिलानी ने युवाओं के लिए व्यावहारिक नवाचार गतिविधियां आयोजित कीं। इसमें समस्या की पहचान, विचार निर्माण, प्रस्तुतीकरण और नवाचार चुनौती में पंजीयन की प्रक्रिया समझाई गई। प्रतिभागियों को छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2024-30 तथा छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-30 के प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।


‘युवा धमतरी’ से शिक्षा से उद्यमिता तक अवसर




कार्यक्रम में ‘युवा धमतरी’ पोर्टल के माध्यम से शिक्षा, कौशल विकास, करियर, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, रोजगार, उद्यमिता, नवाचार एवं मार्गदर्शन से जुड़े अवसरों की जानकारी दी गई। जिला प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप सही जानकारी, मार्गदर्शन और अवसर एक ही मंच से उपलब्ध कराना है।


नवाचार चुनौती में 5 करोड़ का पुरस्कार पूल

‘सेवा प्रथम नवाचार चुनौती’ में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, गोवा तथा दमन एवं दीव क्षेत्र के प्रतिभागी अपने नवाचार एवं समस्या-समाधान आधारित विचार प्रस्तुत कर सकेंगे। चुनौती के तहत कुल 5 करोड़ रुपये का पुरस्कार पूल, 50 पुरस्कार तथा प्रत्येक पुरस्कार के लिए 10 लाख रुपये तक का प्रावधान बताया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026 है।

कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले के विद्यार्थियों, युवाओं एवं उद्यमियों से ‘युवा धमतरी’ पोर्टल पर अधिकाधिक पंजीयन करने तथा ‘सेवा प्रथम नवाचार चुनौती’ में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिले की प्रतिभाओं को शिक्षा, उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में आवश्यक मार्गदर्शन, सहयोग और व्यापक मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन प्रयासरत है।

कार्यक्रम में नायब तहसीलदार योगेश नितमलकर, महाविद्यालय के प्राचार्य श्री पाण्डेय, कार्यक्रम प्रभारी एच.एल. टंडन, श्री ताम्रकार सहित महाविद्यालय एवं जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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